खतरे से घिरा देवलथल तहसील का मुसगांव
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देवलथल तहसील के मुसगांव में पिछली बरसात में जमीन दरकने का जो सिलसिला शुरू हुआ था, वह अब भी थमा नहीं है। मंगलवार रात हुई बारिश के दौरान एक बार फिर से चार मकान खतरे की जद में आ गए हैं। वहीं, अब तक भूमि संरक्षण विभाग ने गांव में सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए हैं, जबकि पहाड़ी से मलबा और पत्थर लगातार गिरकर मकानों तक पहुंच रहे हैं।
बताया गया कि पिछली बरसात के समय मुसगांव के पीछे की पहाड़ी पर हल्का भूस्खलन हुआ था। इस भूस्खलन को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। नतीजतन कमजोर हो चुकी इस पहाड़ी से लगातार मलबा गिरता जा रहा है। ठीक इस पहाड़ी की तलहटी पर मनोज सिंह ज्याला, हर्षवर्धन ज्याला, खड़क सिंह और उमेश सिंह ज्याला के मकान हैं। कभी-कभार पहाड़ी से गिरा मलबा मकानों से टकरा जाता है। मंगलवार रात हुई बारिश के दौरान भी पहाड़ी से मलबा गिरने लगा और लोगों में दहशत फैल गई। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने गांव का दौरा करने के बाद इस मामले की जानकारी तहसीलदार आईबी मल्ल को दी है।
तहसीलदार का कहना है कि भूमि संरक्षण विभाग को सुरक्षा के उपाय करने के लिए पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि यदि भूकटाव रोकने के लिए सुरक्षा दीवार लग जाए तो मकानों को खतरा नहीं होगा। जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि मनरेगा के तहत गांव में सुरक्षा दीवार लगाने का काम तो शुरू हुआ, लेकिन गांव के 50 फीसदी हिस्से में यह काम किया ही नहीं गया। जिन मकानों को खतरा हो रहा है पहले वहां पर दीवार लगाने के बजाय दूसरी जगह दीवार लगा दी गई है।