पिथौरागढ़। जिले में आपदा से क्षतिग्रस्त चार पैदल पुलों का नवनिर्माण होगा। इसकी स्वीकृति मिली है। 23.55 लाख से इन पुलों का निर्माण होने से ग्रामीणों की आवाजाही सुगम होगी और उन्हें उफनते गधेरों के बीच जान जोखिम में डालकर आवाजाही नहीं करनी होगी।
आपदाकाल में चामी-भैंसकोट, भूर्तिंग, सौनगांव और गोलियाबगड़ गांव में नाले में बने पैदल पुल क्षतिग्रस्त हो गए थे। ऐसे में इन गांवों की दो हजार से अधिक की आबादी नालों के बीच जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर थी। यहां तक कि बच्चों को स्कूल और घर आवाजाही करने के लिए खतरा मोल लेना पड़ रहा था। आखिरकार इन क्षतिग्रस्त पैदल पुलों के नवनिर्माण की पहल शुरू हुई है। इसके लिए 23.55 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। इन पुलों का नवनिर्माण होने से ग्रामीणों और विद्यार्थियों की आवाजाही सुगम और सुरक्षित होगी। उन्हें खतरों से मुक्ति मिलेगी।
दो क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की होगी मरम्मत
पिथौरागढ़। इमलाधुरा और चैतोलीखेत में आपदा से पेयजल योजनाएं भी क्षतिग्रस्त हो गईं थीं। लंबे समय से इन गांवों के ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। अब दोनों पेयजल योजनाओं का भी सुधारीकरण होगा इसके लिए 3.85 लाख स्वीकृत हुए हैं। जल्द ही लोगों के घरों तक पानी पहुंचेगा और उन्हें खासी राहत मिलेगी।
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आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल पुलों और पेयजल योजनाओं के सुधारीकण की स्वीकृति मिली है। जल्द काम शुरू किया जाएगा।
-जगदीश प्रसाद, प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, पिथौरागढ़