ईंधन के लिए बजट न होने से 108 आपातकालीन सेवा के चार वाहन खड़े हो गए हैं। एक एंबुलेंस तकनीकी खराबी के कारण खड़ी है। 108 सेवा का संचालन करने वाली कंपनी और सरकार के बीच आठ मार्च को करार खत्म हो रहा है और इस वजह से वाहनों के लिए उधार में भी तेल नहीं मिल पा रहा है। सेवा के तहत जिले में कुल नौ वाहन हैं और इसमें से बाकी बचे हुए वाहन भी तेल खत्म होने पर कभी भी खड़े हो सकते हैं।
ईंधन के लिए बजट नहीं होने से विण, मूनाकोट, डीडीहाट और बेड़ीनाग में तैनात चार 108 एंबुलेंस खड़ी हो गई हैं। बेड़ीनाग में दो दिन से 108 सेवा ठप है। गंगोलीहाट, धारचूला, मुनस्यारी के 108 वाहनों में ईंधन मौजूद होने से एंबुलेंसों का संचालन जारी है। कनालीछीना में केवल रात्रि में ही एंबुलेंस से सेवा दी जा रही है। इन वाहनों का ईंधन कभी भी समाप्त हो सकता है। थल में तैनात की गई खुशियों की सवारी भी ईंधन के अभाव में खड़ी है।
108 सेवा के जिला समन्वयक प्रमोद भट्ट भी स्वीकार कर रहे हैं कि बजट की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। आठ मार्च को कंपनी का अनुबंध भी समाप्त हो रहा है। इस कारण अनुबंध वाले पेट्रोल पंपों से उधार डीजल नहीं मिल पा रहा है। इसकी जानकारी सीएमओ और अन्य अधिकारियों को दे दी गई है।