पिथौरागढ़ के जंगल में रात को लगी आग। संवाद
थल और गणाई गंगोली में जंगल की आग से वन संपदा को काफी नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद वन विभाग आग बुझाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है। गणाई गंगोली में लोगों ने मजदूर लगाकर जंगलों की आग बुझाई।
थल के हजेती वन रेंज के कालीगाड़, अमतड़ हत्वालगांव के पास के जंगल धधक रहे हैं। जंगलों की आग से हर तरफ धुआं ही धुआं फैल गया है जिससे लोगों को दिक्कत हो रही है। गणाई गंगोली में भी जंगल धधक रहे हैं। मंगलवार की देर शाम गणाई गंगोली के सुरानी के जंगलों में आग लग गई।
पिरूल में तेजी से आग फैलने के कारण वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में दो हेक्टेयर वन पंचायत की भूमि में आग लगी हुई है। क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र उपाध्याय और सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश उपाध्याय ने मजदूर लगाकर जंगलों की आग बुझाई।
आग से धधक रहे हैं सीमांत के जंगल
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही एक बार फिर से जंगल आग से धधक रहे हैं। बीती रात पिथौरागढ़ रेंज के चामी बमनधौन का जंगल आग से धधक उठा। इसके साथ ही देवलथल-कनालीछीना के लोड़ी, सुवालेख, लोहार गांव के जंगलाें में भी आग लगी है।
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जिले में आग की 79 घटनाओं में 83.90 हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा है। इससे वन विभाग को भी दो लाख से अधिक की क्षति हुई है। मंगलवार की रात बमनधौन का जंगल भीषण आग की चपेट में आ गया। सूचना पर रेंजर पीएस देउपा, वन दरोगा ज्योति उपाध्याय, वन रक्षक मनोज ज्याला, प्रकाश जोशी मौके पर पहुंचे और मध्य रात्रि दो बजे आग पर काबू पाया। जिले के कई जंगल फिर से आग की चपेट में हैं। वनों में लगी आग से कई जगहाें पर धुंध भी छाई है।