बंगापानी/पिथौरागढ़। बंगापानी तहसील क्षेत्र के जंगलों में आग लगने की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। क्षेत्र के जंगल एक के बाद एक धधक रहे हैं। इससे लाखों की वन संपदा को नुकसान हो रहा है।
शनिवार शाम को सिर्तोला के नागिनी धुरा के जंगल सहित खर्तोली के सितपानी, धामी गांव के घनधुरा और मदरमा गांव के कोटगाड़ी तोक के जंगलों में आग लग गई। कुछ ही देर में तेज हवा के साथ यहां वनाग्नि ने विकराल रूप ले लिया और 50 हेक्टेयर से अधिक जंगल आग की भेंट चढ़ गए।
ग्रामीणों के मुताबिक बंगापानी के जंगलों में प्रतिवर्ष आग लगने की घटनाएं होती हैं। क्षेत्र में बरसात में भीषण आपदाएं आती हैं। उन्होंने वन विभाग से जंगलों में आग लगाने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
धारचूला में वनकर्मियों ने बुझाई जंगल की आग
धारचूला/पिथौरागढ़। नगर के सिनियाखोला और कोटेरा के पहाड़ी क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक आग लग गई। रविवार दोपहर तक आग से जंगल धधकते रहे। वनकर्मियों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया।
विक्रम पारीक सहित अन्य ग्रामीणों ने जंगलों में आग की सूचना वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को दी। सूचना पर वन दरोगा जेपी सिंह के नेतृत्व में 11 वन रक्षक और माली के साथ पहुंची टीम और ग्रामीणों की मदद से रविवार दिन में आग पर काबू पाया। व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा भी मौके पर पहुंचे। वन दरोगा जेपी सिंह ने बताया कि शनिवार रात को आग चट्टानी क्षेत्र में फैल गई, जिसे बुझा नहीं पाए।
वन क्षेत्राधिकारी बालम सिंह अलमिया ने बताया कि संभवत किसी अराजक तत्वों ने आग लगाई है। आग लगाने वालों का पता लगाकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।