थल में बरड़ के जंगल में लगी आग से उठता धुआं। संवाद
थल/अस्कोट। सीमांत के कई जंगल तीन दिन से धधक रहे हैं। आग से जहां बहुमूल्य वन संपदा खाक हो रही है वहीं वायु प्रदूषण के कारण लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जंगलों की आग से इस सीजन में कुल 63.65 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ है।
थल क्षेत्र के जंगलों में पिछले तीन दिनों से आग लगी है। हजेती वन रेंज के कालीगाड़, पड़ियात, बरड़, हीपा, आमथल, कालीनाग, अस्याली समेत कई वनों में आग लगी है। जंगलों से लगातार धुआं उठ रहा है। रात को जंगल बिजली की मालाओं की तरह चमक रहे हैं। धुएं से लोगों के गले में खराश और आंखों में जलन हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद ही आग से निजात मिल सकती है। उधर अस्कोट के जंगलों में भी आग लगी है। बीते दिन कुछ स्थानों पर वन कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
आग रोकने के लिए वनकर्मी सतर्क
पिथौरागढ़। लगातार तापमान बढ़ने से जिले के जंगल जलने की आशंका बनी हुई है। इन घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग की टीम सतर्क है। डीएफओ जीवन मोहन दोगडे ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से जिले में आग की घटनाएं बढ़ गई हैं। ऐसे में सभी लोगों को सावधानी बरतनी होगी। उन्होंने वन पंचायतों समेत अन्य लोगों से खुले में कहीं भी आग न लगाने की अपील की है। डीएफओ ने कहा कि मामूली लापरवाही भी कई लोगों को मुसीबत में डाल सकती है।