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मुआवजे के लिए चक्काजाम

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थानाध्यक्ष मुनस्यारी को ज्ञापन देते आपदा प्रभावित । - फोटो : PITHORAGARH
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नाचनी (पिथौरागढ़)। दैवी आपदा में हुए क्षति का मुआवजा देने और बरड़गाड़ नदी में सुरक्षात्मक कार्य करने की मांग को लेकर आपदा प्रभावितों ने बांसबगड़ में खेतभराड़ पुल पर सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक चक्काजाम किया। पुलिस के आश्वासन के बाद प्रभावितों चक्काजाम खत्म किया।
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शनिवार को आपदा प्रभावितों ने कोटा-बांसबगड़ सड़क पर खेतभराड़ पुल पर शासन-प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। आपदा प्रभावितों ने कहा कि 26 और 28 जुलाई को क्षेत्र में आई आपदा में कृषि भूमि और सीसी मार्ग बह गया था। बरसाती नाले ने जगदीश सिंह बिष्ट और राजेंद्र सिंह बिष्ट के पैतृक आवास का आधा हिस्सा बह गया था। पिछले चार माह से आपदा प्रभावित बरड़गाड़ में सुरक्षात्मक कार्य करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सुरक्षात्मक कार्य नहीं हो पाए हैं। आपदा के चार माह बाद भी क्षति का आकलन नहीं हो पाया है। इस कारण आपदा प्रभावितों को मुआवजा नहीं मिल पाया है।
आपदा से बांसबगड़ न्याय पंचायत की 14 ग्राम पंचायतों के लोग परेशान हैं। इस मौके पर भागरथी देवी, देवेश कुमार, नारायण प्रसाद, जगदीश बिष्ट, ध्यान सिंह, अनूप सिंह, अमृतर बिष्ट, कमलेश दानू, खुशाल राम सहित कई लोग मौजूद रहे। उधर, मुनस्यारी के थानाध्यक्ष पीएस नेगी का कहना है कि आपदा प्रभावितों की समस्याओं को उच्च अधिकारियों को भेज दी हैं। अनिश्चित कालीन धरना को समाप्त कर यातायात का आवागमन सुचारु करा दिया गया था।
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छह घंटे चक्काजाम में फंसे रहे कई वाहन
नाचनी। चक्काजाम में कई वाहन फंसे रहे। चक्काजाम से धामीगांव, कोटा पंद्रहपाला, बरा, दाखिम, सेलमाली, पंद्रहपाला, कोटा, मलोन, लोद के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसी तरह पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आपदा प्रभावितों को समझाया और जाम खुलवाया।
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