प्राथमिक अस्पताल गणाईगंगोली में डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग को लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। यह लोग तीन दिन पहले हुए सड़क हादसे में युवक की मौत के लिए अस्पताल की अव्यवस्थाओं को जिम्मेदार ठहरा रहे थे, लेकिन जैसे ही पुलिस-प्रशासन ने बगैर अनुमति के जाम लगाने पर प्राथमिकी दर्ज करने की चेतावनी दी तो लोगों ने जाम खोल दिया।
बुधवार सुबह 11 बजे एनएच पर भारी संख्या में पहुंचे लोगों ने हाइवे जाम कर दिया। रजिस्ट्रार कानूनगो को सौंपे ज्ञापन में इन लोगों ने कहा कि गणाईगंगोली अस्पताल में सात महीने से डॉक्टर नहीं है। 7 दिसंबर को सड़क हादसे में घायल रामपुर (सेराघाट) का एक युवक डेढ़ घंटे तक इलाज के अभाव में तड़पता रहा और अंत में अल्मोड़ा ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। अस्पताल में कोई भी कर्मचारी तैनात नहीं था।
युवक की मौत के लिए अस्पताल की अव्यवस्थाएं जिम्मेदार हैं। अस्पताल में तैनात एकमात्र डॉक्टर को गंगोलीहाट अटैच कर रखा है। जाम लगाने की सूचना पर 11.45 बजे एसडीएम प्रमोद कुमार, थानाध्यक्ष एसएस नयाल मौके पर पहुंचे। एसडीएम और थानाध्यक्ष ने लोगों को बगैर पूर्व सूचना के जाम लगाने को अपराध बताते हुए कहा कि उन लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हो सकते हैं। इसके बाद लोगों ने जाम खोल दिया। उधर, सीएमओ यूएस अधिकारी का कहना है कि गणाईगंगोली के डॉक्टर को गंगोलीहाट से हटाकर गणाईगंगोली भेजा जाएगा।