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सुवाकोट गांव में पेयजल को तरसी पांच हजार की आबादी

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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से लगे सुवाकोट गांव की पांच हजार की आबादी को पिछले चार महीने से पानी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण कई बार जल निगम के चक्कर काट चुके हैं, बावजूद इसके ग्रामीणों की समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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10 सितंबर को सेना ने अपनी भूमि में पानी का टैंक होने की बात कहकर रात में टैंक तोड़ दिया था। ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद गांव में टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही थी। डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। सुवाकोट ग्राम प्रधान पुष्पा देवी ने बताया जिस स्थान पर पेयजल टैंक बनाया गया था वह जगह गांव के नाम की है। ग्रामीण पेयजल टैंक बनाने के लिए दूसरी जगह नाप भूमि देने के लिए तैयार हैं। लेकिन पेयजल निगम बजट न होने की बात कर रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि टैंक न बनने से अस्थायी तौर पर पानी ग्रामीणों को दिया जा रहा है। योजना का पानी गरालखोली के गांव तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने शीघ्र पेयजल टैंक बनाने की मांग की है। उपजिलाधिकारी तुषार सैनी ने बताया कि भू अभिलेखों की जांच की गई थी, जिस भूमि पर टैंक बना था वह भूमि ग्रामीणों की है। इधर जल निगम के ईई आरएस धर्मशक्तू ने बताया कि भूमि विवाद के कारण पेयजल योजना का टैंक बनाने में समस्या आ रही है। भूमि विवाद सुलझने पर नया पानी का टैंक बनाया जाएगा।
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