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टेंटों में ठिठुर रहे जोशा के पांच परिवार

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रविवार को धूप सेकती भागुली देवी। - फोटो : PITHORAGARH
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। बरसात में आपदा से बेघर हुए मुनस्यारी के जोशा गांव के पांच परिवार एक बार फिर प्रकृति की मार झेलने को मजबूर हैं। पांच माह से टेंटों में रह रहे इन परिवारों की मुश्किलें बर्फबारी से और अधिक बढ़ गईं हैं। वे टेंटों में ठिठुरने को मजबूर हैं।
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जोशा के आपदा प्रभावित हर्ष सिंह, हयात सिंह, जोहार सिंह, मंगल सिंह, खगेंद्र सिंह, विमला देवी के परिवार टेंट में रहने को मजबूर हैं। सात परिवार स्कूलों में रह रहे हैं। जोशा में इन दिनों अधिकतम तापमान आठ डिग्री तो न्यूनतम माइनस दो डिग्री पहुंचने लगा है। ठंड से बचने के लिए अपनी व्यवस्थाओं से अलाव जला रहे हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही इन परिवारों की परेशानियां भी बढ़ती जा रहीं हैं। खाना बनाने के लिए ईंधन और पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। रास्ते क्षतिग्रस्त होने से सिलिंडर भी बमुश्किल पहुंच पाता है। प्रधान राजेश रोशन का कहना है कि यदि शीघ्र विस्थापन हो जाता तो ये परिवार ठंड में ठिठुरने से बच जाते।
हयात सिंह का कहना है कि विस्थापन की बाट जोहते आंखें थक चुकी हैं लेकिन शासन, प्रशासन मात्र आश्वासन ही दे रहा है। ठंड बढ़ती जा रही है। छोटे छोटे बच्चे हैं। इससे परेशानी हो रही है। टेंट में ही रह रहे हर्ष सिंह का कहना है कि ठंड बढ़ने से मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। परिवार के सदस्यों के साथ स्कूल में रह रही रेणु देवी का कहना है कि बेघर होने के बाद से ही परेशानियों का सामना कर रहे हैं। पहले बरसात की परेशानियां तो अब ठंड का प्रकोप झेलना पड़ रहा है। प्रधान राजेश रोशन का कहना है कि विस्थापन तो दूर अलाव की व्यवस्था भी प्रशासन नहीं कर सका है।
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