गणाईगंगोली में जंगल में लगी आग।
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पिथौरागढ़/गणाईगंगोली। जिले के जंगलों में आग लगने का सिलसिला जारी है। रविवार को रई धनौड़ा और सातसिलिंग क्षेत्र के जंगलों में आग लग गई। चीड़ के पिरूल के कारण जंगल तेजी से जल रहे हैं। इससे वन्य संपदा को नुकसान पहुंच रहा है। गणाई गंगोली में जंगल की आग आयुर्वेदिक अस्पताल और जीजीआईसी परिसर के निकट तक पहुंच गई। स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाया।
इस साल बारिश न होने से फायर सीजन से पहले ही जंगल आग से धधकने लगे हैं। जिला मुख्यालय के चंडाक रोड से लगे हुए वन्य क्षेत्र, धनौड़ा, बेड़ीनाग और कनालीछीना के वनों में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय के धनौड़ा में रविवार को चीड़ के जंगल में आग लग गई। यह आग सड़क के बेहद पास आबादी तक पहुंच गई। स्थानीय लोगों ने स्वयं प्रयास कर आग बुझाई। उधर सातसिलिंग क्षेत्र के थाने के समीप के वन्य क्षेत्र में भी असामाजिक तत्वों ने आग लगा दी। रविवार को चीड़ के जंगल से आग की लपटें और धुआं उठता रहा। वनों में लगातार हो रही अग्निकांड की घटनाओं से वन्य जंतुओं और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। इधर वन विभाग के अधिकारियों ने किसी के भी वनों में आग लगाते पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
उधर गणाईगंगोली के गुनाकीटान वन पंचायत में चीड़ के जंगलों में भीषण आग लग गई। यह आग आयुर्वेदिक अस्पताल के परिसर और जीजीआईसी परिसर तक पहुंच गई। इससे दो किलोमीटर क्षेत्र में घास पूरी तरह से जलकर राख हो गई। डॉ ममता आनंद उपाध्याय ने मजदूर लगाकर आग बुझाई। आग बुझाने में विनोद मेहता, सरस्वती बोरा, बलबीर कुमार, मन बहादुर आदि लोगों ने बमुश्किल आग बुझाई।