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मैग्नेसाइट फैक्ट्री के केमिकल टैंक में आग

Tue, 04 Apr 2017 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ के चंडाक में मैग्नेसाइट फैक्ट्री के पास कैमिकल टैंक में लगी आग से उठता धुंआ - फोटो : अमर उजाला
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करीब 20 वर्षों से बंद पड़ी चंडाक की मैग्नेसाइट फैक्ट्री के पास स्थित केमिकल के टैंक में मंगलवार सुबह सात बजे भीषण आग लग गई। आसपास के लोगों ने जब टैंक से काला धुआं आते देखा तो इसकी सूचना फायरब्रिगेड और पुलिस को दी। फायरब्रिगेड की तीन गाड़ियों और जल संस्थान के एक टैंकर के साथ मौके पर पहुंचे पुलिस क्षेत्राधिकारी शेखर सुयाल ने बताया कि इस घटना के पीछे अराजक तत्वों का हाथ हो सकता है। फायरब्रिगेड, पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों को आग पर काबू पाने में दो घंटे लग गए। यदि तत्परता से आग पर नियंत्रण नहीं होता तो पूरी मैग्नेसाइट फैक्ट्री आग की चपेट में आ जाती।
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बताया गया कि मैग्नेसाइट फैक्ट्री के उपयोग में लाने के लिए फैक्ट्री के पास ही एक केमिकल का टैंक बनाया गया था। फैक्ट्री तो बंद हो गई, लेकिन केमिकल के टैंक को खाली नहीं किया गया था। मैग्नेसाइट फैक्ट्री के परिसर में अब भी कई वाहन, उपकरण पड़े हैं। दिन में तो वहां पर एक स्थानीय व्यक्ति चौकीदारी करता है, लेकिन रात में वहां कोई नहीं रहता। मंगलवार सुबह ठीक सात बजे इस टैंक में अचानक आग लग गई। केमिकल जलने से निकला धुआं काफी दूर तक फैल गया।

सीओ शेखर सुयाल ने बताया कि टैंक में किस तरह का केमिकल था और उसकी मात्रा कितनी थी इसे बताने वाला कोई जिम्मेदार व्यक्ति अब यहां नहीं है। उन्होंने चौकीदार से मिली जानकारी के आधार पर बताया कि कुछ आवारा किस्म के लोग इस परिसर में आते रहते हैं और छोटी-मोटी सामग्री को चुराकर ले जाते हैं। उन्होंने बताया कि यदि इस मामले में फैक्ट्री के जिम्मेदार लोग रिपोर्ट लिखाते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 
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मैग्नेसाइट फैक्ट्री शुरू होने की संभावना नहीं
वर्तमान हालातों में चंडाक की मैग्नेसाइट फैक्ट्री खुलने की संभावना नहीं है। जिस तरह एनजीटी और अदालतें पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त निर्देश जारी कर रहे हैं, उन स्थितियों में कोई भी इस फैक्ट्री को संचालित करने का साहस नहीं कर पाएगा। फैक्ट्री को चलाने वाली मैग्नेसाइट एंड मिनरल्स कंपनी के सभी अधिकारी 20 साल पहले यहां से जा चुके हैं। अब फैक्ट्री की संपत्ति की सुरक्षा भी कठिन होती जा रही है।
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