मुनस्यारी के मदकनी जंगल में आग बुझाती वन विभाग की टीम। स्रोत: वन विभाग
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। सर्दियों के सीजन में पंचाचूली की तलहटी के जंगलों में शिकारियों ने दुर्लभ वन्यजीवों के शिकार के लिए आग लगा दी। आग की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
शिकारी हिमालयी क्षेत्र के बुग्यालों में आग लगा देते हैं। इससे वन्यजीवों के साथ ही बेशकीमती पेड़-पौधों को भी नुकसान होता है। पांच दिनों से पंचाचूली की तलहटी में आग धधक रही थी। इन दिनों उच्च हिमालयी क्षेत्र में ठंड के चलते वन्यजीव भोजन की तलाश में निचले इलाकों की ओर आते हैं।
निचली घाटियों में शिकारी आग लगाकर वन्य जीवों के इंतजार में घात लगाकर बैठे रहते हैं। पत्थरकोट के वन पंचायत सरपंच ने डीएम और डीएफओ को पत्र भेजकर वन विभाग की टीम को मौके पर भेजने का अनुरोध किया था।
इसका संज्ञान लेते हुए वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट ने अनुभाग अधिकारी प्रेम राम के नेतृत्व में पंचाचूली की तलहटी में मदकनी बीट के अंतर्गत आग बुझाने और फायर ड्रिल के लिए टीम भेजी। टीम ने जंगल पहुंचकर आग पर काबू पाया।
इधर अठानसी बीट के जंगल में भी आग लगी हुई है। यह क्षेत्र काफी दुर्गम में है। मदकनी नदी को पार करते हुए लंबा रास्ता पार कर वहां तक पहुंचा जा सकता है। वन विभाग की टीम अब आग बुझाने के लिए वहां रवाना हो गई है।
वन विभाग में है स्टाफ की कमी
पिथौरागढ़। मुनस्यारी के दूरस्थ पंचाचूली की तलहटी के जंगल में लगी आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग की टीम को काफी मेहनत करनी पड़ रही है। रेंज में चार माइग्रेशन समेत कुल 16 बीट हैं। आग माइग्रेशन वाली बीट पर लगी है। यहां कुल नौ फारेस्ट गार्ड हैं। एक फारेस्ट गार्ड के पास दो बीट का चार्ज है। इसके चलते दूरस्थ जंगलों में लगी आग को बुझाने में दिक्कतें आ रही हैं। संवाद