उत्तराधिकारियों को मिलेगी पेंशन
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उत्तराखंड शासन ने स्वाधीनता सेनानियों के उत्तराधिकारियों के लिए चार हजार रुपए मासिक पेंशन लागू कर दी है, यदि सेनानी की विधवा जीवित हो तो उनको यह पेंशन मिलेगी। यदि किसी सेनानी की विधवा जीवित न हो तो परिवार के सबसे बड़े पुत्र को यह लाभ मिलेगा। प्रदेश के प्रमुख सचिव उमाकांत पंवार ने सभी जिलाधिकारियों को इस आदेश की प्रति भेज दी है। पिथौरागढ़ जिले में इस योजना से 215 सेनानी परिवारों को लाभ मिलेगा।
शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पेंशन सेनानी परिवार की प्रथम पीढ़ी के उत्तराधिकारी और उनकी मृत्यु होने पर उनकी विधवा को मिलेगी। उसके बाद किसी भी आश्रित को पेंशन का भुगतान नहीं होगा। स्वाधीनता सेनानी आश्रित संगठन ने पेंशन योजना का फार्म भराने की कार्रवाई शुरू कर दी है और सभी सेनानी परिवारों से आवश्यक कागजात उपलब्ध कराने को कहा है।
बता दें कि जिले में जीवित स्वाधीनता सेनानी अब सिर्फ दो हैं, जबकि सेनानियों की जीवित विधवाएं 20 रह गई हैं। स्वाधीनता सेनानी परिवारों की कुल संख्या 215 है। वहीं, स्वाधीनता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिला सचिव राजेश मोहन उप्रेती ने बताया कि सेनानी परिवारों की बहुत पुरानी मांग पूरी हो गई है। संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों ने इसके लिए काफी प्रयास किया था।