जिला अस्पताल में ओपीडी कक्ष के बाहर लिखा स्टोर रूम। संवाद
पिथौरागढ़। दशकों पूर्व बने जिला अस्पताल के भवन में जगह की कमी के चलते मरीजों को बरामदे में भर्ती करना पड़ रहा था। इस कारण स्टाफ के लिए भी जगह की कमी होने लगी है। स्थिति यह है कि अस्पताल की महिला फिजिशियन को स्टोर रूम में बैठकर मरीज देखने पड़ रहे हैं।
पांच लाख से ज्यादा की आबादी वाले जिले के मरीज इलाज के लिए एकमात्र जिला अस्पताल पर ही निर्भर हैं। जिले भर से रोजाना करीब एक हजार मरीज जांच और इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचते हैं। हाल के वर्षों में मरीजों की संख्या में तो बढ़ोतरी हुई लेकिन जिला अस्पताल में सुविधा के लिए भवनों का विस्तार नहीं हुआ। ऐसे में 120 बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल में पहले से ही मरीजों को बरामदे में भर्ती किया जा रहा है।
जगह की कमी अब इतनी होने लगी है कि चिकित्सकों के लिए भी ओपीडी के लिए बेहतर कक्ष नहीं हैं। एक महीने पहले अस्पताल में दो नए फिजिशियन की तैनाती हुई थी। अस्पताल में कक्ष की कमी होने के कारण एक चिकित्सक को स्टोर रूप को खाली कराकर उसमें ओपीडी करनी पड़ रही है। डॉक्टर के कक्ष के बाहर स्टोर रूम लिखा होने से मरीज भी ओपीडी कक्ष तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
कोट
पूर्व में इस कक्ष में ईएनटी की ओपीडी होती थी। बाद में इसे स्टोर रूम बनाया गया होगा। मरीजों को असुविधा न हो इसलिए शीघ्र ही स्टोर रूम के स्थान पर फिजिशियन कक्ष लिख दिया जाएगा। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस जिला अस्पताल पिथौरागढ़