आनन फानन में डम्बर अपने तीन साथियों के साथ पैदल ही नेपाल जाने को निकल पड़ा। पंरतु लॉकडाउन के चलते डम्बर व उनके साथियों को जौलजीबी से आगे नहीं जाने दिया। नेपाल जाने के लिए डम्बर ने दो दिन काली नदी के किनारे ही गुजार दिए।
नेपाल जाने की कोई संभावना न देखते हुए डम्बर व उसके साथी वापस भागीचौरा के जंगल में दो दिन रहे। इस बीच डम्बर ने जंगल में ही क्रियाकर्म की रस्म अदायगी की।
पांचवें दिन डम्बर व उसके साथी डीडीहाट के सानदेव में पहुंचे और अब डम्बर सानदेव के वन विभाग की नर्सरी के एक कमरे में क्रियाकर्म कर रहा है।
लॉकडाउन के कारण सानदेव में क्रियाकर्म के सामान की उपलब्धता न होने की जानकारी मिलते ही यूथ सोसाइटी रोटी बैंक के अध्यक्ष संजय पंत कुछ नेपाली साथियों के साथ सानदेव पहुंचे। डम्बर को क्रियाकर्म का सामान उपलब्ध कराया। 23 अप्रैल को डम्बर के पिता की पीपलपानी का सारा खर्चा रोटी बैंक उठाएगा।