पिथौरागढ़। सीमांत जिले में नूरजहां प्रजाति के गुलाब की खेती से किसानों की आर्थिकी संवर रही है। यहां 100 से अधिक किसान गुलाब की खेती से जुड़े हैं जो 25 क्विंटल से अधिक गुलाब जल का उत्पादन कर रहे हैं।
धारचूला ब्लॉक के जयकोट, पस्ती, कनालीछीना के पसमा, डांगठी, बेड़ीनाग के जाखरावत, पिथौरागढ़ के रावलगांव में किसान गुलाब की खेती से जुड़े हैं।
इन दिनों गुलाब की पत्तियों को तोड़ गुलाब जल बनाने का कार्य किया जा रहा है। सगंध पौधा केंद्र के पिथौरागढ़ प्रभारी सुनील सिंह बर्थवाल ने बताया कि रावल गांव में पूर्व सैनिक जोगा सिंह ने अभी तक करीब 100 लीटर गुलाब जल निकाल लिया है। वह वेस्ट पत्तियों से जैम, चटनी, मुरब्बा और गुलकंद भी बना रहे हैं। पसमा की बबीता सामंत ने भी बंजर भूमि में गुलाब का बेहतरीन उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि जिले में उच्च गुणवत्ता के गुलाब जल का उत्पादन होता है। यह गुलाब जल 200-250 रुपये प्रति लीटर बिक जाता है। नारायण आश्रम जाने वाले यात्री भी उच्च हिमालयी क्षेत्र के गुलाब जल को काफी पसंद करते हैं। अभी जिले में गुलाब जल निकालने की सात मशीनें लगाई गई हैं। प्रभारी बर्थवाल ने बताया कि गुलाब की खेती से अन्य काश्तकारों को भी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
बिषाड़ नर्सरी में उपलब्ध हैं पौधे
पिथौरागढ़। सगंध पौधा केंद्र के जिला प्रभारी सुनील सिंह बर्थवाल ने बताया कि बिषाड़ स्थित नर्सरी में गुलाब और तिमूर के पौधे उपलब्ध हैं। जयकोट गांव में तिमूर का क्लस्टर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।