पिथौरागढ़ महिला अस्पताल से मरीज को ले जाती 108 सेवा।
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108 नंबर पर फर्जी कॉल कर एंबुुलेंस को 60 किलोमीटर दौड़ा दिया। इसके बाद फोन करने वाले ने अपना फोन स्विच ऑफ कर लिया। पिछले दो दिनों में लगातार दो मामले होने से कैंप कर्मी परेशान हैं। कंपनी के जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) ने एसपी को शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की है।
पहली मई से 108 का संचालन कर रही नई कंपनी कैंप के डीपीओ परमानंद पंत की ओर से एसपी को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि कुछ लोग 108 सेवा को बाधित करने के लिए फर्जी कॉल कर रहे हैं। इस तरह के एक मामले में रात 9.25 बजे फोन कर एंबुलेंस सल्ला चिंगरी बुलाई गई। जब एंबुलेंस गुरना मंदिर के पास पहुंची तो काल करने वाले ने अपना फोन स्विच ऑफ कर दिया। इसके बाद रात में 8.25 बजे दूसरे नंबर से फोन कर एंबुलेंस मंगाई गई। डीपीओ पंत का आरोप है कि ट्रू कॉलर में सर्च करने पर दोनों नंबर पूर्व में काम करने वाले 108 कर्मियों के निकले हैं। उनका कहना है कि इस तरह की फर्जी कॉल से एंबुलेंस के व्यस्त रहने से जरूरतमंद को आपात सेवा से वंचित रहना पड़ सकता है। उन्होंने इस तरह की हरकतों को 108 सेवा को बाधित करने वाला बताते हुए पुलिस प्रशासन से फर्जी कॉल करने वालों का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
नई कंपनी केवल 108 का कर रही संचालन
पिथौरागढ़। नई कंपनी से करार के बाद बंद पड़ी खुशियों की सवारी सेवा भी सुचारु हो गई है। पिथौरागढ़ जिले में नौ खुशियों की सवारी के वाहन हैं। पहले इनका संचालन 108 के साथ ही जीवीके कंपनी करती थी। अब नई कंपनी कैंप केवल 108 आपातकालीन सेवा का संचालन कर रही है। खुशियों की सवारी के वाहनों को स्वास्थ्य विभाग ने अपने नियंत्रण में लिया है। स्वास्थ्य विभाग के एंबुलेंस चालक ही खुशियों की सवारी का संचालन करेंगे। शुक्रवार को खुशियों की सवारी का संचालन शुरू हुआ। इसमें जिला महिला अस्पताल से जच्चा बच्चा को अड़किनी के लिए भेजा गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मी संजीव जोशी एवं ललित शाह उपस्थित थे।