धारचूला (पिथौरागढ़)। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ऐतिहासिक जौलजीबी मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह मेला भारत, नेपाल और तिब्बत की साझी व्यापारिक और धार्मिक संस्कृति का वाहक है। इसे सहेजने के लिए सरकार गंभीर है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को जौलजीबी पहुंचे। मेला समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने फूलमालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनाई। सीएम के साथ ही स्थानीय विधायक हरीश धामी, अस्कोट पाल वंश के कुंवर भानुप्रताप ने दीप जलाकर मेले का शुभारंभ किया। सीएम ने कहा कि काली और गोरी नदी के तट पर लगने वाला यह मेला ऐतिहासिक है। यह भारत, नेपाल और तिब्बत की व्यापारिक गतिविधियों का समावेश है। इस मेले को सहेजने के लिए सरकार पूरा सहयोग करेगी।
इस दौरान उन्होंने धारचूला में सैनिक विश्राम गृह और मेलास्थल में विश्राम गृह बनाने की घोषणा की। कहा कि सीमांत जिला सैनिक बहुल है। पूर्व सैनिकों की मांग का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। सीएम धामी ने सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। कहा कि मौजूदा सरकार भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई कर रही है। सशक्त नकल विरोधी कानून लाने का सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एक जिला एक मेला की बात कर चुके हैं। जिले के प्रमुख मेलों को इसमें शामिल कर इनके विकास की रूपरेखा तय की जाएगी।
इस मौके पर डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल, दायित्वधारी गणेश भंडारी, हेमराज बिष्ट, अशोक नबियाल, नगर निगम पिथौरागढ़ की मेयर कल्पना देवलाल, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, डीएम आशीष भटगांई, एसपी रेखा यादव, मेलाधिकारी जितेंद्र वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। संवाद
स्टॉलों का किया निरीक्षण
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मेलास्थल में लगे स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टॉलों में सजे स्थानीय उत्पादों की तारीफ की। ऊनी कपड़े, रिंगाल की सामग्री, मुनस्यारी की राजमा सहित अन्य उत्पाद सीएम को खूब भाए। विभिन्न विभागों ने भी मेलास्थल में स्टॉल लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।