नगर में पेयजल का संकट गहराने लगा है। जाड़ों के मौसम में पेयजल की किल्लत से उपभोक्ता खासे परेशान हैं। बताया गया है कि घाट पंपिंग योजना से कम पानी लिफ्ट होने के कारण यह समस्या पैदा हो रही है। जल संस्थान ने व्यवस्था में सुधार का प्रयास तो किया है लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही है। उपभोक्ताओं को नाममात्र का पानी मिल पा रहा है। उसमें भी सप्ताह में एक दिन पानी की सप्लाई ठप हो रही है।
सीमांत यूथ मोर्चा ने पेयजल किल्लत के लिए गलत वितरण व्यवस्था को जिम्मेदार माना है। मोर्चा के संयोजक सुशील खत्री ने बताया कि सिमलगैर में पेयजल का संकट लगातार बना हुआ है। इस संकट को हल करने में जल संस्थान कोई रुचि नहीं ले रहा है। इसी तरह घंटाकरण, खड़कोट, सेरा, जीआईसी रोड में भी पानी का संकट बना है। मोर्चा कोर कमेटी के सदस्य सुरेश जोशी ने कहा कि यदि जल संस्थान के अधिकारी रुचि लें तो समस्या आसानी से हल हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पेयजल वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं आया तो आंदोलन किया जाएगा। यदि अभी से पानी का संकट गहराने लगा तो गर्मियों में गंभीर स्थिति पैदा हो जाएगी।