धारचूला में बैठक लेते केंद्रीय राज्यमंत्री टम्टा
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केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कस्तूरा मृग विहार अस्कोट के अंतर्गत संचालित जैव विविधता संरक्षण एवं ग्रामीण आजीविका सुधार परियोजना (बकरलिप) की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि आजीविका सुधार परियोजना अपने उद्देश्य में सफल हो रही है। इसे विस्तार देते हुए अन्य पंचायतों में भी कार्य किए जाएंगे।
रविवार को धारचूला ब्लॉक सभागार में हुई बैठक में ग्रामीणों से संवाद करते हुए मंत्री टम्टा ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से रेशे से ऊन तैयार कराया जाएगा। इस ऊन से विभिन्न सामग्री तैैयार की जाएगी। कहा कि सीमांत की हस्तकला को व्यापक पहचान दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा एक्सपोर्ट प्रमोशनल के माध्यम से नए डिजायनरों द्वारा अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बकरलिप परियोजना के माध्यम से जल प्रबंधन और वनों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने परियोजना के लाभार्थियों की समस्याओं को सुन उनके निराकरण का भरोसा दिलाया। उप प्रभागीय वनाधिकारी एके श्रीवास्तव ने परियोजना के अंतर्गत पांच वर्षों में किए गए कार्यों को लोगों के समक्ष रखा। बैठक में एसडीएम एके पांडेय, खंड विकास अधिकारी मानस मित्तल, वन दरोगा नरेंद्र राम, नंदा बल्लभ जोशी, जय प्रकाश, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष केदार जोशी, जगत मर्तोलिया, रुकम बिष्ट लीला बंग्याल, शंकर सीपाल, अरविंद सिंह आदि मौजूद रहे।