पिथौरागढ़। जिले के महिला अस्पताल में नवजात शिशुओं की जांच के लिए एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ है। कमजोर नवजात शिशुओं के लिए अस्पताल में एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट) तो स्थापित की गई है लेकिन एकमात्र विशेषज्ञ के तैनात होने से कई बार कम वजन और श्वांस की समस्या से संबंधित शिशुओं को रेफर करना पड़ता है।
पांच लाख से अधिक की आबादी वाले जिले में एक ही महिला अस्पताल है। अधिकांश प्रसव इसी अस्पताल में होते हैं। अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 14 प्रसव होते हैं। समय से पूर्व जन्म लेने वाले बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। इसके लिए जिला अस्पताल में पहले न्यू बोर्न केयर यूनिट थी। एक वर्ष पूर्व अस्पताल में स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट स्थापित की गई है। कम वजन या कमजोर शिशुओं को इसी यूनिट में रखा जाता है।
इतना बड़ा जिला होने के बावजूद महिला अस्पताल में केवल एक बाल रोग विशेषज्ञ का पद सृजित है। इस यूनिट में शिशुओं की लगातार जांच और देखभाल के लिए कम से कम तीन विशेषज्ञों की आवश्यकता रहती है। ऐसे में समय से पूर्व जन्म लेने के कारण अत्यधिक कमजाेर, कम वजन, श्वांस संबंधी परेशानी या अन्य कोई समस्या होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।
कोट
महिला अस्पताल में वर्तमान में बाल रोग विशेषज्ञ का एक पद सृजित है। अस्पताल की स्पेशल केयर यूनिट में कमजोर शिशुओं को भर्ती किया जाता है। कम वजन या किसी शारीरिक समस्या से ग्रसित या बेहद कमजोर बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जाता है। - डॉ. जेएस नबियाल, पीएमएस, जिला अस्पताल।