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हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी सीमांत क्षेत्र में नहीं पहुंचा राशन

Sat, 13 Oct 2018 08:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
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धारचूला के लखनपुर में इस तरह हो रही आवाजाही - फोटो : अमर उजाला
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सीमांत क्षेत्र के लोगों को शुक्रवार को भी राशन नहीं मिल पाया। जिला प्रशासन हाईकोर्ट और शासन के निर्देश का इंतजार ही करता रह गया। हाईकोर्ट के आदेश से उत्साहित हुए लोग अब मायूस भी हैं और नाराज भी।

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बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा की पीठ ने 24 घंटे के अंदर पिथौरागढ़ के सीमावर्ती इलाकों में दैनिक जरूरत का सामान उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। बारिश के कारण संपर्क मार्ग ध्वस्त होने और सड़क निर्माण के चलते आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध के कारण यहां कई गांवों के लोग पूरी तरह से संपर्क विहीन हैं। हेलीकॉप्टर यहां शाम चार बजे तक ही उड़ पाते हैं, लिहाजा शुक्रवार को लोग शाम चार बजे तक राशन मिलने का इंतजार करते रहे। राशन न मिलने से यहां के लोग अब मायूस भी हैं और नाराज भी। 

उधर, राशन उपलब्ध कराने का जवाबदेह जिला प्रशासन शुक्रवार को हाईकोर्ट और शासन के निर्देश का ही इंतजार करता रह गया। अधिकारियों के मुताबिक न तो उन्हें हाईकोर्ट का आदेश मिला है और न ही शासन से कोई निर्देश। ऐसे में प्रशासन ने शुक्रवार को माइग्रेशन पर गए लोगों की समस्या को सुलझाने की कोशिश में ही समय बिताना बेहतर समझा।
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अभी इस संबंध में निर्देश नहीं मिले हैं। माइग्रेशन पर गए लोगों और भारत-चीन व्यापारियों को अक्तूबर के अंत तक हर हाल में धारचूला लाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग की ओर से लखनपुर और नजंग में काली नदी पर पैदल पुल बनाया जा रहा है। ऊपरी गांवों से आने वाले लोग लखनपुर से नेपाल जाएंगे और वहां से पुल पार कर फिर भारत में प्रवेश करेंगे। हेलीकॉप्टर सेवा के लिए डीएम की ओर से वायुसेना को पत्राचार किया गया है। - आरके पांडे, उप जिलाधिकारी

बुजुर्गों को तो लाएं कम से कम
रं कल्याण समिति के अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल, सचिव डीके फकलियाल, अशोक नबियाल, व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा, विधायक प्रतिनिधि नृप गर्ब्याल, क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय गर्ब्याल ने कहा कि ऊपरी गांवों में करीब 70 बुजुर्ग हैं। उन्हें धारचूला लाने के लिए हेली सेवा मुहैया कराई जानी चाहिए।

व्यास घाटी के गांवों में हैं एक हजार से अधिक लोग
धारचूला। व्यास घाटी के गुंजी, गर्ब्यांग, बूंदी, नपलच्यू, नाभि, रोंगकोंग, कुटी आदि गांवों में अभी करीब एक हजार से अधिक ग्रामीण हैं। बूंदी और गर्ब्यांग में करीब 10 भेड़ पालक परिवारों की छह हजार बकरियां, भेड़ हैं। भेड़ पालक पिछले एक माह से रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं। अब ठंड बढ़ने से उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नजंग और लखनपुर में लगातार पत्थर गिर रहे हैं। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले महेंद्र सिंह बुदियाल के मुताबिक कालापानी, नाभीढांग आदि गांवों को भी शामिल किया जाए तो करीब 9000 लोग प्रभावित हैं।

प्रशासन ने की अस्थायी पुल बनाने की तैयारी
धारचूला (पिथौरागढ़)। प्रशासन ने नजंग और लखनपुर में लकड़ी के दो अस्थायी पुल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को एसडीएम राजकुमार पांडे ने लखनपुर, नजंग का दौरा किया। एसडीएम ने बताया कि बीआरओ लखनपुर से नजंग के बीच 2.4 किलोमीटर की सड़क की कटिंग कर रहा है। इसमें मात्र 150 मीटर सड़क कटिंग का कार्य शेष है। ग्रिफ के अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर तक लखनपुर से नजंग के बीच का सड़क कटिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। एसडीएम ने बताया कि व्यास घाटी के सात गांवों के माइग्रेशन को देखते हुए लखनपुर और नजंग में नेपाल प्रशासन की सहमति के बाद लोनिवि एक हफ्ते के भीतर लकड़ी के दो अस्थायी पुल बना देगा। इससे सात गांवों के लोग और जानवर आ पाएंगे। भ्रमण में लोनिवि के अधिकारी, पेशकार खीमानंद और पटवारी गुंजी दिनेश जोशी मौजूद रहे।

ये था हाईकोर्ट का आदेश
-प्रदेश सरकार सीमांत क्षेत्र में 24 घंटे के अंदर हेलीकॉप्टर के जरिये जरूरत का सामान पहुंचवाए। यह व्यवस्था सर्दियों में भी बनी रहनी चाहिए। प्रदेश सरकार चाहे तो इस काम के लिए आईटीबीपी की मदद ले सकती है। प्रदेश के मुख्य सचिव को हम वायु सेना की मदद लेने की अनुमति भी देते हैं।
- बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में मुख्य स्थायी अधिवक्ता भी मौजूद थे। कोर्ट ने इस बात का भी संज्ञान लिया था। कोर्ट की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि  प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में मुख्य स्थायी अधिवक्ता इस आदेश की सूचना मुख्य सचिव तक पहुंचाएंगे।  

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