- अफ्रीका महाद्वीप की चोटी पर पहुंचने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बने छात्र-छात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला
सेलाकुई। सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाले 13 वर्षीय अद्वैत दतर और 16 वर्षीय स्मृति गर्ग ने अफ्रीका महाद्वीप के देश तंजानिया में स्थित किलिमंजारों पर्वत के शिखर को फतह किया है। उस शिखर पर चढ़ने वाले दोनों सबसे कम उम्र के भारतीय भी बन गए हैं। किलिमंजारों अफ्रीका का चौथा सबसे ऊंचा पर्वत है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 5895 मीटर है। करीब एक सप्ताह तक विषम भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करते हुए दोनों छात्र पर्वत शिखर पर चढ़ने में कामयाब रहे।
स्कूल के पीआरओ प्रेम प्रकाश ने बताया कि गत 28 सितंबर को सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल की तरफ से छात्रों ने कोच देवरात बडोनी और दीया बजाज के नेतृत्व में पर्वत पर चढ़ना शुरू किया था। जिनमें अद्वैत दतर, स्मृति गर्ग, प्रांजल वसन, राहुल, आयुष पांडेय, ओमकार हंस और क्षितिज कौशिक शामिल रहे। मिशन के दौरान रास्ते में ही ज्यादातर छात्रों की तबियत बिगड़ गई। उनमें से केवल अद्वैत दतर और स्मृति गर्ग ही किलिमंजारों पर्वत पर चढ़ने में कामयाब हो सके। वे चार अक्तूबर को पर्वत शिखर पर पहुंचे। उनकी इस उपलब्धि पर स्कूल के हेडमास्टर शरामुद्दीन ने बताया कि दोनों छात्र उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में दाखिला लेना चाहते हैं। दोनों का अगला लक्ष्य कश्मीर स्थित हिमालय की के-2 चोटी पर पहुंचना है।