एवरेस्ट फतह को जाती पर्वतारोही शीतल।
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एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए निकली सोरघाटी की बेटी पर्वतारोही शीतल इन दिनों एवरेस्ट के बेस कैंप में अन्य पर्वतारोहियों के साथ क्लाइंबिंग का अभ्यास कर रही हैं।
शीतल दो अप्रैल से दो जून तक चलने वाले एवरेस्ट अभियान पर निकली हैं। उन्होंने 5 अप्रैल को अन्य पर्वतारोहियों के साथ काठमांडू से एवरेस्ट के बेसकैंप के लिए कूच किया। 15 अप्रैल को वह बेस कैंप पहुंचीं।
शीतल के प्रशिक्षक धारचूला निवासी एवरेस्ट विजेता योगेश गर्ब्याल ने बताया कि शीतल इन दिनों अन्य पर्वतारोहियों के साथ कैंप-2 में रॉक क्लाइंबिंग का अभ्यास कर रही हैं। इससे पहले कैंप-1 में अभ्यास किया। 15 से 25 मई के बीच मौसम अनुकूल रहने पर शीतल एवरेस्ट फतह के लिए निकलेंगी। पर्वतारोही गर्ब्याल ने बताया कि शीतल से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क बना हुआ है। शीतल वहां के मौसम के अनुकूल अभ्यस्त हो गईं हैं। वह काफी साहसी हैं, एवरेस्ट फतह करके ही लौटेंगी।
शीतल 2017 में सबसे कम 22 वर्ष की उम्र में विश्व की तीसरी सबसे ऊंची कंचनजंगा चोटी को फतह कर चुकी हैं। कंचनजंगा को सबसे कम उम्र में फतह करने का विश्व रिकार्ड बनाने वाली शीतल से सीमांत जिले के लोगों को काफी उम्मीद हैं। सबकी नजर शीतल के एवरेस्ट अभियान पर लगी हुई हैं। शीतल का परिवार जिला मुख्यालय के नजदीक सल्मोड़ा में रहता है।