पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में दूसरे ईएनटी सर्जन की नियुक्ति होने से मरीजों को बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद है। अब मरीजों को जांच, इलाज और ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
अब तक जिला अस्पताल में सिर्फ एक ईएनटी सर्जन तैनात थे। जिला अस्पताल में रोजाना जिले के विभिन्न हिस्सों से नाक, कान, गले की दिक्कत से जूझते हुए 60 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में एकमात्र सर्जन के लिए मरीजों की जांच, इलाज और ऑपरेशन करना चुनौती बना था। दबाव अधिक होने से मरीजों को ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा था। अब मरीजों को इस समस्या से छुटकारा मिला है। अस्पताल में दूसरे ईएनटी सर्जन के तौर पर डॉ. अनु लस्पाल की नियुक्ति हुई हैं। दो ईएनटी सर्जन होने से मरीजों के समय पर जांच और ऑपरेशन हो सकेंगे। एक सर्जन के शिविर या अवकाश पर जाने के बाद भी मरीजों को इलाज मिल सकेगा। अब एक सर्जन के अवकाश या शिविर में तैनाती होने के बाद भी मरीजों को इलाज मिलेगा।
बेस अस्पताल से बुलाने पड़ रहे थे विशेषज्ञ
जिला अस्पताल में एकमात्र सर्जन के अवकाश या शिविर में जाने से मरीजों को इलाज मिलना बंद हो रहा है। ऐसे में बेस अस्पताल से विशेषज्ञ बुलाने पड़ रहे थे। अब जिला अस्पताल प्रबंधन के साथ ही मरीजों को इस समस्या से छुटकारा मिला है।
कोट
जिला अस्पताल में नए ईएनटी सर्जन की तैनाती हुई है। वर्तमान में वह मरीजों की जांच कर रही हैं। दो विशेषज्ञ की तैनाती होने से मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। - डॉ. डीपी सिंह, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़