पिथौरागढ़ में चुनाव में निमय विरुद्ध ड्यूटी लगाने के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर आंदोलन की तैया
पिथौरागढ़। भले ही पंचायत चुनाव निपट गए हैं लेकिन कर्मियों की नियम विरुद्ध ड्यूटी लगाने का मामला शांत नहीं हुआ है। कर्मचारी और शिक्षक संगठनों ने बैठक कर निर्वाचन आयोग और सीएम से मिलने का निर्णय लिया है। पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो संघ आंदोलन करेगा।
जिला मुख्यालय पर कर्मचारी और शिक्षक संगठनों ने बैठक की। पदाधिकारियों ने कहा कि पंचायत चुनाव में नियमों को ताक में रखकर कर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई। महिला कर्मियों को अपने संस्थान के नजदीकी बूथों को छोड़कर 25 से 80 किलोमीटर अन्य विकासखंडों में चुनाव ड्यूटी के लिए भेज दिया गया। सेवानिवृत्त होकर सत्र लाभ ले रहे और बीमार कार्मिकों की भी चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई। प्रत्यावेदन देने के बाद भी बीमार कर्मियों की ड्यूटी नहीं हटाई गई। मतगणना के लिए दो पालियों में कर्मियों की तैनाती के निर्देश जारी हुए थे। एक ही पाली में तैनात कर्मियों को सुबह से दूसरे दिन तक हुई मतगणना की जिम्मेदारी दे दी गई। देर रात मतगणना पूरी हुई तो कर्मियों के न तो रहने की व्यवस्था की गई और न भोजन की। इसके बाद भी कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। चुनाव में नियमों की अनदेखी कर महिला सहित अन्य कर्मियों की सुरक्षा और हितों की अनदेखी करने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जिले में पांच वर्ष से अधिक समय से जमे राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों का स्थानांतरण होना चाहिए। चेतावनी देते हुए कहा यदि उनकी सभी मांगें नहीं मानी गईं तो सभी संगठन एकजुट होकर आंदोलन शुरू कर देंगे। बैठक में आंदोलन की तैयारी पर भी चर्चा हुई और संयोजक मंडल को इसके लिए जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रवीण रावल, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र वल्दिया, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष प्रदीप भट्ट, उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष सौरभ चंद, मिनिस्ट्रियल फेडरेशन के जिलाध्यक्ष बिजेंद्र लुंठी, धनवीर सिंह, केएस अधिकारी, भुवन तिवारी, जीतेश पंत, रोहित उप्रेती, पंकज खोलिया, दीप जोशी, ज्योति कुमार पांडे आदि शामिल रहे। संवाद