उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने लंबित मांगों को नजर अंदाज करने के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन प्रारंभ कर दिया है। कार्मिकों ने बांह में काला फीता बांधकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी।
पिथौरागढ़ में समिति के जिला संयोजक कैलाश पंत और एमसी जोशी के नेतृत्व में कर्मचारी संगठनों ने विभिन्न कार्यालयों का भ्रमण कर कर्मचारियों को जागरूक किया। विकास भवन परिसर में हुई सभा में कर्मचारी नेता विजेंद्र लुंठी ने कहा कि सरकार बार-बार उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है। कहा कि उनकी आवाज दबाने के लिए सरकार ने डराने-धमकाने की राजनीति शुरू कर दी है।
31 जनवरी को सामूहिक अवकाश पर कार्मिकों का एक दिन का वेतन काट दिया गया है। एमसी जोशी ने कहा कि मकान किराए भत्ते की देयता आठ, 12, 16 प्रतिशत के अनुरूप अनुमन्य करते हुए अन्य भत्तों में वृद्धि करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत लाभान्वित होने वाले कार्मिकों को सरकारी चिकित्सालय से रेफर की व्यवस्था समाप्त करने, चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को अन्य संवर्गों की भांति स्टाफिंग पैटर्न का भत्ता देते हुए ग्रेड वेतन 4200 करने, राजकीय वाहन चालकों के ग्रेड वेतन में सुधार करने की मांग को लेकर कई बार सरकार से वार्ता की जा चुकी है। बावजूद इसके उन्हें महज कोरे आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। इस मौके पर एमपीएस डोभाल, एससी पंत, केएस अधिकारी, विक्रम नेगी, सौरभ चंद, प्रदीप भट्ट, त्रिलोक जंगपांगी, सुरेंद्र भाकुनी, विमल पांडेय, ज्योति पांडेय, संजय पंत, गणेश सिंह, संजय सिंह, बलदेव सिंह रावत, संजय सिंह, सावित्री दुग्ताल, ललिता, मेहमा खाती, वंदना भट्ट, राजकुुमार, जितेश पंत आदि मौजूद रहे।