पिथौरागढ़। एजुकेशनल मिनिस्टीरियल कर्मियों ने बिण के बीईओ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार कर मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला कार्मिकों के प्रति गलत आचरण अपनाने वाले बीईओ के खिलाफ न तो जांच की गई और न ही कार्रवाई। ऐसे में अब जिले के सभी कार्यालयों और विद्यालयों के मिनिस्टीरियल कर्मी आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होंगे।
एजुकेशनल मिनिस्टीरियल कर्मी कामकाज छोड़कर मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे और बिण बीईओ के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बीईओ का महिला कार्मिकों के प्रति व्यावहारिक दृष्टिकोण और आचरण सही नहीं है। महिला कार्मिकों को एक ही काम के लिए बार-बार बुलाकर अपने समक्ष खड़े रहने को कहा जाता है। पुरुष कर्मियों का भी बीईओ उत्पीड़न कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व में विभाग से बीईओ के खिलाफ जांच कर इनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्थानांतरण जिले से बाहर करने की मांग की गई थी। विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही बीईओ के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई तो जिले के सभी कार्यालयों और विद्यालयों में कार्य बहिष्कार शुरू करते हुए कर्मी और शिक्षक आंदोलन शुरू कर देंगे। धरना देने वालों में एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कमल किशोर, सचिव पंकज सिंह खोलिया, मिनिस्टीरियल ऑफिसर्स फेडरेशन के जिलाध्यक्ष विजेंद्र लुंठी, सौरभ चंद, नवीन चंद्र पाठक, राजेंद्र सिंह राणा, विक्रम सिंह नेगी, दीपा सेठी, मनोज कुमार कार्की, ज्योति पांडे, तनुजा नेगी, मोतिमा जेठी, निशा कन्याल, किरन, कल्पना सेठी, गायत्री किशोर, इंद्रा भट्ट, पुष्पा देवी आदि शामिल रहे। संवाद
बीईओ ने कहा, सभी आरोप निराधार
पिथौरागढ़। बिण के बीईओ गणेश सिंह ज्याला ने कर्मियों के सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि महिला कर्मी कई घंटों बाद भी विभागीय कार्य नहीं करतीं। ऐसे में उन्हें दोबारा बुलाना जरूरी होता है। किसी को भी सामने खड़े रहने के लिए नहीं कहा जाता। कहा कि उन्हें दृष्टि दोष है इसका चिकित्सा प्रमाण पत्र भी उनके पास है। ऐसे में दस्तावेज में गलत जानकारी और हस्ताक्षर दर्ज न हों इसकी सावधानी वह बरतते हैं।विभागीय काम सही हों इसके लिए कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं। इसी बात को लेकर कर्मियों ने मुझ पर झूठे आरोप लगाए हैं और मेरी पदोन्नति रोकने के लिए नियोजित षड़यंत्र रचा है। उन्होंने कहा उन पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं।