गौरीहाट में प्रदर्शन करते किसान
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गौरीहाट क्षेत्र में इस बार शीतकालीन बारिश की मात्रा बहुत कम होने से फसलें सूखने लगी हैं। पानी के स्रोतों का स्तर काफी नीचे चला गया है। इस समस्या से परेशान किसानों ने रविवार को गौरीहाट में प्रदर्शन किया और सरकार से मांग की कि तत्काल सूखे का जायजा लेने के लिए टीम भेजी जाए। साथ ही किसानों के कर्ज माफ किए जाएं।
गौरीहाट, माजिरकांडा, बनाड़ा, दौली, जामिरपानी गांवों में करीब 150 हेक्टेयर में बोई गई गेहूं, मसूर, चना की फसल सूख गई है। इस मौसम में होने वाली सब्जियों के लिए लोग तरस गए हैं। गधेरों और नालों में पानी का स्तर इतना कम हो गया है कि नहरें नहीं चल पा रही हैं। आने वाले समय में लोगों को गंभीर पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ जाएगा। किसान ललित चंद के नेतृत्व में एकत्रित किसानों ने कहा कि सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए सरकार ने अब तक कोई योजना लागू नहीं की है। जब तक सूखे की हालात का जायजा लेने टीम नहीं आएगी, तब तक सरकार के पास सही रिपोर्ट नहीं पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि किसानों के कर्ज माफ किए जाएं, सरकारी सस्ते-गल्ले की दुकानों से पर्याप्त राशन दिया जाए और किसानों को सूखा राहत की राशि दी जाए। प्रदर्शन में राम सिंह सौन, नवीन भट्ट, पुष्कर भट्ट, चंदन भट्ट, वीरेंद्र सिंह धारियाल, शमशेर सिंह, खीम सिंह, गंगा सिंह आदि थे। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा गया और तत्काल समस्या का समाधान करने की मांग की गई।