धारचूला में काली नदी के जल स्तर बढ़ने से रुका तटबंध निर्माण का कार्य। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़) मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत आपदाग्रस्त खोतिला की सुरक्षा के लिए काली नदी के किनारे बनाए जा रहे तटबंध निर्माण का कार्य जल स्तर बढ़ने के कारण रुक गया है। यदि जल्द शेष कार्य पूरा नहीं हुआ तो बरसात के सीजन में नदी खतरा बन सकती है। बता दें कि काली नदी के किनारे 35 करोड़ की लागत से 750 मीटर से अधिक लंबी दीवार बनाई जा रही है।
निर्माण कार्य कर रही अरुण कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 650 मीटर क्षेत्र में कार्य पूरा कर लिया है। शेष 100 मीटर में नदी के बढ़ते जल स्तर के चलते निर्माण कार्य करना मुश्किल हो गया है। कनिष्ठ प्रमुख भूपाल बहादुर ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शेष क्षेत्र में जल्द निर्माण कार्य करने की मांग की है। कहा है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य नहीं हुआ तो खोतिला को खतरा हो सकता है।
बता दें कि 10 सितंबर 2022 को नेपाल में बादल फटने के बाद लास्को खोला के बढ़े जलस्तर से काली नदी का प्रवाह काफी देर रुक गया था। इससे भारत के खोतिला में भारी तबाही मची थी। एक महिला की मौत हो गई और दर्जनों घर डूब गए थे। वर्ष 2023 में भी काली नदी का जल स्तर बढ़ने से इस क्षेत्र में एक आवासीय भवन पूरी तरह से जमींदोज हो गया था।
300 मीटर क्षेत्र में किए जाएं सुरक्षा के उपाय
धारचूला। खोतिला के स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रस्तावित तटबंध के अतिरिक्त घटखोला से कब्रिस्तान के मध्य आपदाग्रस्त 300 मीटर क्षेत्र में भी सुरक्षा के उपाय किए जाने की मांग की है। कहा है कि इस क्षेत्र में तटबंध नहीं बनाए जाने से खोतिला के पैदल आवाजाही के मार्ग को खतरा हो गया है। उन्होंने धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा भी खतरे में होने की बात कही है। संवाद
कोट
एनएचपीसी की ओर से धौलीगंगा जल विद्युत परियोजना से अधिक पानी छोड़ने से नदी का जल स्तर बढ़ गया है। इससे कार्य करना मुश्किल हो गया है। - सनी मौर्य, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर अरुण कंस्ट्रक्शन कंपनी।
कोट
काली नदी का जल स्तर मई में ही काफी बढ़ने से निर्माण कार्य करना मुश्किल हो गया है। कार्यक्षेत्र में बढ़े जलस्तर को रोकने के लिए कोशिश की जा रही है। - प्रमोद मिश्रा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग।