केंद्र सरकार की ओर से चलाई गई मनरेगा योजना पहाड़ के कई गांवों में फलीभूत नहीं हो पा रही है। यहां खोलियागांव के धौलाकोट तोक में मनरेगा के तहत बन रही ‘मेरा गांव मेरी सड़क’ में ग्रामीण मजदूरों के स्थान पर नेपाली मजदूर काम कर रहे हैं। ग्रामीणों ने नेपाली मजदूरों को हटाकर स्थानीय मजदूरों को काम में रखने और ठेकेदारी व्यवस्था दूर करने की मांग की है।
प्रधान किशन राम ने कनालीछीना के खंड विकास अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और सांसद अजय टम्टा को भेजे ज्ञापन में कहा है कि मनरेगा से 35 लाख रुपये की लागत से बन रही एक किमी लंबी धौलाकोट सड़क ठेकेदारी के माध्यम से बनाई जा रही है। सड़क में आधा कार्य मनरेगा से और आधा कार्य राज्यांश से किया जाना है।
सड़क निर्माण के काम में नेपाली मजदूरों को काम में लगा रखा है, जबकि ग्रामीण मजदूरों ने काम करना था। मनरेगा में काम करने से पहले मजदूरों का रजिस्ट्रेशन किया जाता है, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी नहीं की गई है। नेपाली मजदूर लगाकर ग्रामीण मजदूरों का हक छीना जा रहा है। ठेकेदार सड़क निर्माण कार्य भी उसी स्थान पर कर रहे हैं, जहां कच्ची सामग्री उपलब्ध हो रही है। उप प्रधान देवेंद्र पाल, वार्ड सदस्य गीता देवी, शांति देवी, धाना देवी, गजेंद्र सिंह पाल, खीमा देवी, पूर्व प्रधान सरस्वती पाल, सरपंच गजल सिंह आदि लोगों ने नेपाली मजदूर हटाने और सड़क निर्माण कार्य प्रधान की देखरेख में किए जाने की मांग की है। नेपाली मजदूरों को न हटाने पर आंदोलन करने की धमकी दी है।