पिथौरागढ़। जंगली मशरूम जानलेवा साबित हो रहा है फिर भी लोग इसका सेवन करना नहीं छोड़ रहे हैं। जंगली मशरूम खाने से फिर से एक बुजुर्ग को अपनी जान गंवानी पड़ी है। जंगली मशरूम खाने से तबीयत बिगड़ी तो परिजनों ने बुजुर्ग को जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
जानकारी के मुताबिक जिले के खितोली छेड़ा निवासी 69 वर्षीय धरम सिंह अपने खेतों में उगा जंगली मशरूम लाए और इसकी सब्जी बनाकर खाई। रात का भोजन कर वह सो गए। बृहस्पतिवार तड़के तीन बजे के करीब उनके पेट में तेज दर्द हुआ तो परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
ईएमओ डॉ. अब्दुल और नर्सिंग अधिकारी मोनू लुंठी ने उनका इलाज शुरू किया। कुछ देर बाद ही इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पीएमएस डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्ट्यता जंगली मशरूम खाने से बुजुर्ग की मौत हुई है।
वहीं बुजुर्ग की मौत से परिजनों में कोहराम है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, अन्य परिजनों ने मशरूम की सब्जी नहीं खाई इससे वे सुरक्षित बच गए। सीमांत जिले में जंगली मशरूम खाने से लोग काल के गाल में समा रहे हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछले एक दशक में सात लोगों की जंगली मशरूम खाने से मौत हो चुकी है। इसके बाद लोग जागरूकता नहीं दिखा रहे हैं।
जंगली मशरूम खाने से नानी और नातिन की हुई थी मौत
पिछले वर्ष जुलाई महीने में मुनस्यारी के धापा गांव में जंगली मशरूम खाने से लोकगायक गणेश मर्तोलिया की 18 वर्षीय बहन और 70 वर्षीय नानी की मौत हो गई। जंगली मशरूम खाने से दोनों की तबीयत बिगड़ी तो उन्हें सीएचसी के बाद उन्हें जिला अस्पताल और यहां से हायर सेंटर रेफर किया गया। हल्द्वानी एसटीएच में भी उन्हें नहीं बचाया जा सका।
एक ही परिवार के पांच सदस्य हुए थे बीमार
बीते 19 जुलाई को जम्कू में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की जंगली मशरूम खाने से तबीयत बिगड़ गई। परिजन सभी को लेकर सीएचसी धारचूला पहुंचे। चिकित्सकों ने गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया। पांचों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां चार दिनों तक इलाज चलने के बाद सभी को बचा लिया गया। वहीं पिछले वर्ष चंडाक में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में मजदूरी करने वाले मजदूर, उसकी पत्नी, बेटा और बेटी की जंगली मशरूम खाने से तबीयत बिगड़ गई। चारों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां लंबे इलाज के बाद वे ठीक हुई।
जहरीले मशरूम खाने के बाद लक्षण
पेट में तेज दर्द व मरोड़, उल्टी होना, शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, मतिभ्रम होना, त्वचा या आंखों का पीला पड़ना, सांस लेने में दिक्कत होना।
ऐसे करें बचाव-
जंगली मशरूम के सेवन के बाद शीघ्र अस्पताल जाएं और मशरूम का बचा हुआ टुकड़ा या फोटो चिकित्सक को दिखाएं। उल्टी रोकने से दवा न लें।
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जिले में मानसूनी बारिश के बाद कई प्रकार के जंगली मशरूम उगते हैं। लोगों को जंगली मशरूम का बिल्कुल भी सेवन नहीं करना चाहिए। इसके सेवन से जान भी जा सकती है।
-डॉ. डीपी सिंह, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़