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Pithoragarh News: अस्सी साल की भागीरथी ने बहाई हरियाली की गंगा

Tue, 17 Mar 2026 11:08 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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जिला सभागार में भागीरथी देवी को पर्यावरण संरक्षण में अतुलनीय योगदान के लिए सम्मानित करते डीएम।
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चंपावत। जब दुनिया उन्हें आराम करने की सलाह दे रही थी, तब वह हाथ में पानी का बर्तन लेकर जंगल की ओर निकल पड़ती थीं। तेज धूप हो, कड़ाके की ठंड हो या मूसलाधार बारिश, खेतीखान के मानर मल्ला की अस्सी साल की भागीरथी देवी का यह सिलसिला कभी नहीं रुका। आज उसी लगन का नतीजा सबके सामने है। जो जंगल कभी अवैध कटान और उपेक्षा की मार से उजड़ गया था, वहां आज घना वन है। पेड़ों की सरसराहट है। पक्षियों की चहचहाहट है और लौटते वन्यजीवों की हलचल है। यह सब किसी सरकारी योजना या करोड़ों के बजट से नहीं हुआ। यह हुआ है एक मां के उस जज्बे से, जिसने पौधों को अपने बच्चों की तरह पाला-पोसा।
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न संसाधन, न सहारा, बस एक संकल्प
भागीरथी देवी ने वर्षों पहले अकेले ही यह बीड़ा उठाया। कोई संस्था नहीं, कोई टीम नहीं, कोई सरकारी मदद भी नहीं। बस अपने दो हाथ और दृढ़ इरादा। उन्होंने हजारों पौधे रोपे, रोज जंगल जाकर उन्हें सींचा, जानवरों से उनकी रक्षा की और हर दिन उन्हें बढ़ते हुए देखा। उम्र के इस पड़ाव में जो जोश उनमें है, वह किसी युवा को भी शर्मिंदा कर दे।

डीएम ने शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित
भागीरथी देवी के इस अतुलनीय योगदान को पहचानते हुए डीएम मनीष कुमार ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि भागीरथी देवी ने साबित कर दिया है कि सच्ची लगन और सेवाभाव से अकेला व्यक्ति भी बड़े से बड़ा बदलाव ला सकता है। यह पूरे समाज के लिए एक संदेश है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को केवल नारे तक सीमित न रखें बल्कि पौधरोपण और उनकी देखभाल में सक्रिय भागीदार बनें।
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