झूलाघाट (पिथौरागढ़)। राजकीय एलोपैथिक अस्पताल में मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हो गया है। उल्टी-दस्त और बुखार के मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालात यह है कि चार बेड के इस अस्पताल में आठ मरीज भर्ती किए गए हैं। इसके लिए बैंचों को जोड़कर बेड बनाए गए हैं। एलोपैथिक डॉक्टर के अवकाश पर होने से मरीजों की जांच से लेकर इलाज तक का जिम्मा फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ पर है।
नेपाल सीमा पर स्थित झूलाघाट के राजकीय एलोपैथिक अस्पताल में भारत के अलावा नेपाल से भी मरीज आते हैं। यह अस्पताल मात्र चार बेड का है। आपात स्थिति में ही अस्पताल में मरीजों को भर्ती किया जाता है। इन दिनों मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। उल्टी-दस्त और बुखार के आठ मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया है इसके लिए बैंचों को मिलाकर बेड बनाए गए हैं। शुक्रवार को भी बढ़ी संख्या में मरीज जांच के लिए पहुंचे। बेड नहीं होने के कारण तीन मरीजों को जांच के बाद दवा देकर घर भेजना पड़ा।
मूनाकोट विकासखंड के स्वास्थ्य प्रभारी डॉ.सचिन प्रकाश देवल ने कहा कि बदलते मौसम के कारण वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाएं हैं। मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
अस्पताल में स्वच्छक नहीं
झूलाघाट। मरीजों की संख्या बढ़ने पर अस्पताल में गंदगी की समस्या भी पैदा हो गई है। अस्पताल में स्वच्छक नहीं है। इसके चलते सफाई नहीं हो पा रही है। पिछले तीन दिनों से अस्पताल का कचरा नहीं उठा है। नतीजतन स्टाफ और भर्ती मरीजों के साथ ही तीमारदारों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
एलोपैथिक डॉक्टर सोमवार को ड्यूटी पर लौटेंगे
झूलाघाट। अस्पताल के एलोपैथिक डॉक्टर कल्पित रौतेला अवकाश पर हैं। वे सोमवार को ड्यूटी पर लौटेंगे। होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ.प्रकाश पंगरिया मरीजों की जांच कर रहे हैं। एलोपैथिक फार्मासिस्ट हरीश रावत, लैब टेक्नीशियन मनोज कोहली, 108 फार्मासिस्ट दीपक, वार्ड ब्वाय राकेश गिरी और हेम भट्ट मरीजों की जांच एवं इलाज में सहयोग कर रहे हैं। संवाद
कोविड कक्षों में रखे गए बेड मिलने वाले हैं जो झूलाघाट अस्पताल को उपलब्ध कराए जाएंगे। यह अतिरिक्त बेड आयुर्वेदिक कक्ष में लगाए जाएंगे जिससे मरीजों को सुविधा मिल सकेगी। स्वच्छक की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। -डॉ.एचएस ह्यांकी, सीएमओ पिथौरागढ़।