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Pithoragarh News: बलुवाकोट को काली से बचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया से आगे नहीं बढ़ सकीं कोशिशें

Tue, 17 Jun 2025 10:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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बलुवाकोट में काली नदी के किनारे ​स्थित भवन इस तरह आ गए हैं खतरे में। संवाद
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पिथौरागढ़। काली नदी के कटाव से बलुवाकोट कस्बे को बचाने की मुहिम टेंडर प्रक्रिया से आगे नहीं बढ़ पाई है। आपदा काल शुरू होने वाला है। इससे स्थानीय लोगों की चिंता फिर से बढ़ने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि काली उफान पर आई तो नदी की ओर बने भवनों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
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वर्ष 2013 में आई भीषण आपदा से बलुवाकोट कस्बे के कई मकान काली नदी में समा गए थे। इसमें लगभग 18 से अधिक दुकानें और नेशनल हाईवे का कुछ हिस्सा दरक गया था। कई भवनों में दरारें आ गई थीं। भीषण त्रासदी झेल चुके बलुवाकोट की सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग ने कुछ स्थानों पर तटबंध बनाए थे जबकि अधिकांश स्थानों पर आज तक तटबंध का निर्माण नहीं हुआ है।
पहले के बने तटबंध भी अब धंस चुके हैं। दर्जनों मकान, इंटर कॉलेज सहित कई दुकानें काली नदी की ओर हैं। काली नदी धीरे-धीरे जमीन का कटाव कर रही है। नदी के कटाव से कस्बे की सुरक्षा के लिए मजबूत तटबंध बनाए जाने जरूरी हैं।
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साल 2013 में धारचूला से झूलाघाट तक मची थी तबाही

वर्ष 2013 में काली नदी के उफान पर आने से धारचूला से लेकर झूलाघाट तक तबाही मची थी। बलुवाकोट और झूलाघाट में दर्जनों मकान काली नदी में समा गए थे। आज भी तबाही के निशान यहां मौजूद हैं। इसके अलावा मदकोट बाजार के आधे हिस्से और सड़क को गोरी नदी निगल गई थी। इस भीषण आपदा में मदकोट कस्बे का भूगोल ही बदल गया था।
अधिकारी और जनप्रतिनिधि गंभीर नहीं
कस्बे में रहने वाले लोगों का आरोप है कि बलुवाकोट की सुरक्षा के लिए संबंधित विभाग, अधिकारी या जनप्रतिनिधि गंभीर नहीं हैं। एनएसयूआई के पंकज मेहरा के अलावा राकेश चंद, मोहन चंद, सुरेंद्र ऐरी आदि का कहना है कि मानसून काल नजदीक है लेकिन इस बार भी कस्बे की सुरक्षा के लिए कोई ठोस प्रबंध नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि कई बार मांग उठाने के बाद सिंचाई विभाग ने तटबंध का प्रस्ताव शासन को भेजा है। प्रस्ताव को स्वीकृति भी मिल गई है लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। हर साल बरसात शुरू होते ही लोगों में भय पैदा होने लगता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि कस्बे और यहां की आबादी की सुरक्षा के लिए शीघ्र तटबंधों का निर्माण किया जाना चाहिए।
कोट
बलुवाकोट में काली नदी किनारे तटबंध निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - चंद्रशेखर, एई सिंचाई विभाग
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