डीडीहाट (पिथौरागढ़)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) डीडीहाट ने कुमाऊं की छह लोक कथाओं का डिजिटलाइजेशन किया है। इन लोक कथाओं में कुमाऊं की वे लोक कथाएं शामिल की हैं जिसमें प्रकृति के रूपों का भी उल्लेख किया है।
वीडियो के माध्यम से डिजिटलाइज की गई लोक कथाओं का लोकार्पण शिक्षा महानिदेशक अभिषेक रूहेला ने एससीईआरटी देहरादून के सभागार में किया। डायट के प्राचार्य भाष्करानंद पांडेय ने बताया कि इन लोक कथाओं को रोचक तरीके से तैयार किया है। भविष्य में बच्चों और अध्यापकों को इसके माध्यम से पढ़ने -पढ़ाने में आसानी होगी।
डायट के कार्यक्रम प्रभारी विनोद बसेड़ा ने बताया कि इन लोक कथाओं में काफल पाको मैं नि चाखों, हिट तुमड़ी बाट बाट, छियालेख की संजीवनी जैसी छह लोक कथाओं को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया है। इन लोक कथाओं का डिजिटलाइज करने में डायट के डीएलएड प्रशिक्षुओं और कई स्कूलों के अध्यापकों को शामिल किया गया था।
उन्होंने बताया कि शिक्षा महानिदेशक ने डायट डीडीहाट के इस प्रयास की सराहना करते हुए इन वीडियोज को प्रत्येक जनपदों को उपलब्ध कराने को कहा है ताकि प्रत्येक स्कूल के बच्चों को लोक कथाओं के माध्यम से रोचक तरीके से पढ़ाया जा सके। अपर निदेशक एससीईआरटी प्रेमेंद्र सकलानी ने कहा कि छात्र लोक कथाओं से अपना जुड़ाव महसूस करते हैं। इसलिए लोककथाओं से कक्षा शिक्षण को प्रभावशाली बनाया जा सकता है। संवाद