पिथौरागढ़/नाचनी। जिले भर में शनिवार रात मूसलाधार बारिश हुई। धारचूला और बंगापानी तहसीलों में सबसे अधिक 66 मिमी बारिश हुई। तेज बारिश में मलबा आने के कारण 23 सड़कों पर यातायात ठप हो गया है। इनमें चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-घट्टाबगड़ सड़क भी शामिल है। इसके चलते सुबह वाहनों का संचालन बाधित रहा। रविवार देर शाम तक 13 सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया था।
शनिवार मध्य रात्रि से रविवार सुबह करीब छह बजे तक मूसलाधार बारिश हुई। भारी बारिश से थल-मुनस्यारी सड़क नाचनी और तेजम के बीच हरड़िया और रातीगाड़ के पास आठ घंटे बंद रही। लोनिवि ने तीनों जगहों पर जेसीबी मशीनों से मलबा हटाकर सुबह आठ बजे सड़क यातायात के लिए खोली। हल्द्वानी-पिथौरागढ़ और मुनस्यारी जाने वाले यात्री वाहनों को दो घंटे सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। मैदानी क्षेत्रों के लिए जाने वाले यात्री काफी परेशान रहे। होकरा, बांसबगड़ व भैसकोट के साथ ही अन्य सड़कों पर भी यातायात प्रभावित रहा।
यह सड़कें यातायात के लिए खुलीं
डानाधार-जैंती, मसूरीकांठा-होकरा, होकरा-नामिक, आदिचौरा-सीढ़ी चामा, तपोवन-रांथी, घट्टाबगड़-तांकुल, गलाती-रमतोली-धामीगांव, टनकपुर-तवाघाट खेला गर्गुवा, पिथौरागढ़-तवाघाट, थल-मुनस्यारी, थल-लेजम, बरा-धामीगांव और डीडीहाट-पमस्यारी।
यह सड़कें अभी भी हैं बंद
बगीचा-सिन्याखोला, मुनस्यारी-मिलम-बुई, तवाघाट-सोबला-उमचिया, नाचनी-भैंसकोट, बांसबगड़-कोटा, डीडीहाट-आदिचौरा हुनेरा, खुमती-कटौजिया, मदकोट-बोना झापुली, मदकोट-तोमिक, तवाघाट-घट्टाबगड़।
जिले में कहां कितनी हुई बारिश
पिथौरागढ़ - 38.4 मिमी
बेड़ीनाग - 12.00 मिमी
मुनस्यारी - 57.4 मिमी
बंगापानी - 66.0 मिमी
गणाई गंगोली - 1.00 मिमी
देवलथल - 11.8 मिमी
गंगोलीहाट - 8.00 मिमी
डीडीहाट - 12.00 मिमी
धारचूला - 66.00 मिमी
कनालीछीना - 10.0 मिमी
तेजम - 63.2 मिमी
थल - 53.4 मिमी
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बारिश से नैनादेवी- कन्यूरी सड़क बनी रोखड़
ग्रामीणों को लगाना पड़ रहा 10 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा
संवाद न्यूज एजेंसी
थल (पिथौरागढ़)। क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से बरसाती नाले ने नैनादेवी-कन्यूरी सड़क काे रोखड़ में बदल दिया है। सड़क के बदहाल होने से वाहनों को मसमोली होते हुए 10 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ रहा है।
बारिश से अल्काथल से पांच किमी लंबी आंतरिक नैना देवी-कन्यूरी सड़क कुछ स्थानों पर वाहन संचालन के लायक नहीं है। सड़क पर नाली और कलवर्ट नहीं बनाने से बरसाती नाले से डामर बह चुका है। जब-जब बारिश होती है यह सड़क नाला बन जाती है। कहीं पर पत्थरों के कारण रोखड़ तो कहीं पर कीचड़ के कारण वाहन नहीं चल पा रहे हैं। थल बाजार आने के लिए यह सड़क सबसे सुगम थी। अब सड़क बंद होने से भातड़ से आने वाले सभी वाहनों को वाया मसमोली होते हुए 10 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ रहा है।
कन्यूरी निवासी प्रमोद उपाध्याय ने लोनिवि से बरसात के बाद इसमें नाली और स्क्रवर का निर्माण करने और जहां पर डामर उखड़ा है वहां पर डामर कराने की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों खर्च करने के बाद भी सड़क की बदहाली से लोगों में रोष व्याप्त है।