पिथौरागढ़। कम दृश्यता होने के कारण आदि कैलाश यात्री हेलीकॉप्टर के माध्यम से दर्शन के लिए नहीं जा पा रहे हैं। चार दिनों से फ्लाई बिग की विमान सेवा भी बंद चल रही है। इसके अलावा पिथौरागढ़, मुनस्यारी, हल्द्वानी और चंपावत हेली सेवा भी नहीं चल पा रही है।
जंगलों में आग और प्रदूषण के कारण कई दिनों से दृश्यता कम होने के कारण हेली और विमान सेवा का संचालन नहीं हो पा रहा है। ट्रिप टू टैंपल के डायरेक्टर विकास मिश्रा ने बताया कि विजिबिलिटी (दृश्यता) कम होने से आदि कैलाश और ओम पर्वत के लिए भी हेलीकॉप्टर भी नहीं उड़ सका।
उन्होंने बताया कि हवाई सेवा के लिए विजिबिलिटी कम से कम 5000 मीटर होनी चाहिए जो इन दिनों में एक से डेढ़ हजार मीटर के बीच थी। उन्होंने कहा कि बारिश नहीं होने तक हवाई सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं। चार दिनों से फ्लाई बिग की सेवाएं भी बंद चल रहीं हैं जिससे यात्री परेशान हैं। एयरपोर्ट मैनेजर एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा का कहना है कि दृश्यता पर्याप्त होने पर विमान और हेली सेवा शुरू कर दी जाएगी।
तहसीलदार ने गुंजी पहुंचकर दिया आश्वासन, माने ग्रामीण
हेलीकॉप्टर से यात्रा के विरोध में दोपहर के बाद धरना समाप्त
संवाद न्यूज एजेंसी
धारचूला (पिथौरागढ़)। पर्यटन विभाग की ओर से संचालित हेलीकॉप्टर से आदि कैलाश और ओम पर्वत दर्शन के विरोध में ग्रामीणों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। व्यास जनजाति संघर्ष समिति, होम स्टे और टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों के साथ सातों ग्राम पंचायतों के ग्रामीण हेली यात्रा के विरोध में दूसरे दिन भी गुंजी मनेला में दोपहर तक धरने पर बैठे। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार राम प्रसाद आर्या, राजस्व और पुलिस टीम के साथ शनिवार को गुंजी पहुंचे। तहसीलदार की ओर से बाहरी प्राइवेट वाहन मालिकों पर उचित कार्यवाही का आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों ने दोपहर बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया है।
तहसीलदार ने बताया कि रविवार को परिवहन विभाग के अधिकारी भी पहुंच रहे हैं। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नबियाल ने बताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है, धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। गुंजी स्थित केएमवीएन गेस्ट हाउस के बाहर बीडीसी प्रियंका गुंज्याल, पूर्व प्रधान अर्चना गुंज्याल, हरीश कुटियाल, समिति के पदाधिकारी, ग्राम प्रधान सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
बता दें कि पर्यटन विभाग की ओर से संचालित हेली दर्शन यात्रा के विरोध में व्यास घाटी के होम स्टे संचालक, टैक्सी यूनियन यात्रियों को रहने-खाने और वाहनों की सुविधा नहीं दे रहे हैं। इस कारण विभाग बाहरी व्यक्तियों के वाहन लाकर यात्रा करा रहा है। इसके चलते ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।