मौसम के बिगड़ने से क्षेत्र में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बिजली गिरने से लाइन में आई खराबी के चलते अस्कोट क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों में बिजली गुल रही। 15 घंटे से अधिक समय तब बिजली आपूर्ति ठप रहने से पांच हजार से अधिक की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बीते बुधवार की शाम करीब छह बजे बिजली गिरने से सब स्टेशन को जोड़ने वाली लाइन में खराबी का आ गई। इस कारण अस्कोट मुख्य बाजार के साथ ही खोलियागांव, देवल, हिनकोट, धौलाकोट, मोचोरा, बड़ी गांव, गदाली, रतक्वाली सहित 15 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। यूपीसीएल ने खराबी को दूर करने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। बिजली गुल रहने से लोगों को रात मोमबत्ती की रोशनी में बितानी पड़ी।
बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे लाइन में आई तकनीकी खराबी को दूर कर बिजली आपूर्ति बहाल की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। यूपीसीएल के अवर अभियंता सौरभ नगरकोटी ने बताया कि लाइन में खराबी के चलते आपूर्ति बाधित हो गई थी जिसे ठीक कर दिया गया है। इधर जिला मुख्यालय में भी मौसम की खराबी के दौरान रात में कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति में व्यवधान आया। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। देर रात आपूर्ति बहाल होने पर लोगों को राहत मिली।
बनबसा में पेड़-टहनियों के गिरने से क्षतिग्रस्त हुई लाइन, बिजली हुई गुल
इधर बनबसा क्षेत्र में अंधड़ के साथ हुई वर्षा से जगह-जगह पेड़ों की टहनियों के गिरने से बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए। इससे घंटों तक क्षेत्र में बिजली गुल रही। बृहस्पतिवार सुबह यूपीसीएल की टीम ने फाॅल्ट का पता लगाकर आपूर्ति सुचारु की। एसडीओ मयंक भट्ट ने बताया कि गढ़ीगोठ एसएसबी के निकट एक पेड़ गिरने से बिजली तारों को क्षति पहुंची थी। इसके अलावा क्षेत्र में जगह-जगह पेड़ों की टहनियों के गिरने से बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिनकी मरम्मत कराकर आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
गंगोलीहाट में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, किसान निराश
मौसम की मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। गंगोलीहाट में ओलावृष्टि से फसलों और बागवानी को काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसान निराश हैं। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।
गंगोलीहाट क्षेत्र में बीते बुधवार को भारी ओलावृष्टि से गेंहू, जौ, मसूर, चना, शिमला मिर्च, बैंगन, कद्दू, करेला, लौकी, तुरई, माल्टा, संतरा, नींबू, पुलम, खुमानी, आम सहित अन्य फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। ओलों की चोट से आम का बौर गिर गया है। क्षेत्र की गोविंदी देवी, गंगा देवी, अनुली देवी, गोपाल राम, कमल सिंह आदि किसानों ने बताया कि उनकी पूरी मेहनत ओलों ने बेकार कर दी है। प्रभावित किसानों ने कृषि और उद्यान विभाग से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। वहीं कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी ने बताया कि नुकसान का आकलन कर किसानों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।
करीब ढाई घंटे बिजली रही गुल, 33 केवी लाइन में गिरा पेड़
आमबाग के किसान हरिओम सेठी, सतीश चंद, गोवर्धन पंत, कृपाल पंत आदि ने बताया कि आंधी से खेतों में कटी गेहूं की फसल भीग गई है। कई किसान फसल काटने की तैयारी में थे लेकिन अब उन्हें फसल के सूखने का इंतजार करना पड़ेगा। डीएचओ डॉ. डी कुमार ने बताया कि इस बारिश से फसलों को न तो लाभ है और न ही नुकसान। जिले में गेहूं की फसल अधिकतर किसान काट चुके हैं। इस समय बारिश न हो तो अधिक अच्छा है। कोयाटी गांव के काश्तकार केदार सिंह महर ने कहा कि बारिश से आलू की खेती को लाभ मिलेगा।
इधर, बनबसा में भी गेहूं की कटी और खेतों में खड़ी फसल के भीगने से किसानों को नुकसान हुआ है। प्रगतिशील किसान हेमेंद्र सिंह रावत ने बताया कि गेहूं के दानों में नमी बढ़ जाएगी, ऐसे में फसल को बेचने के लिए किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा। इधर बागान स्वामी और ठेकेदार शकील अहमद मंसूरी ने बारिश को बागानों के लिए वरदान बताया है।