मुनस्यारी के हरकोट स्थित थामरी ताल। स्रोत: विजय भट्ट
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में ऐसे कई अनछुए पर्यटन स्थल हैं जिनके बारे में अभी पर्यटकों को बहुत अधिक जानकारी नहीं है। उन्हीं में से एक है हिमनगरी मुनस्यारी के वन पंचायत हरकोट का थामरी ताल।
जोहार क्लब के अध्यक्ष और पर्वतारोही केदार सिंह मर्तोलिया ने बताया कि थामरी ताल (कुंड) बेटुलीधार से हुमधुरा रिज पर समुद्र तल से करीब 2800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। ताल तक पहुंचने के लिए बेटुलीधार से तीन किमी का पैदल ट्रैक है। यह रमणीक ताल चारों ओर से जंगलों से घिरी है। उनका कहना है कि पूर्व में यहां थाम (रिंगाल की एक प्रजाति) के पौधे बहुतायत में थे। इसके चलते ही इसका नाम थामरी ताल हो गया। यहां आने वाले लोगों को अक्सर बतखों का जोड़ा दिखाई देता है। जंगलों से घिरा होने के बावजूद ताल में एक भी पत्ता नहीं दिखाई देता है। ऐसा कहा जाता है कि बतखें ताल को हमेशा साफ रखती हैं। मनमोहक रंग-विरंगी हिमालयी पक्षियों को निहारने के लिए भी यह जगह बेहद उपयुक्त है।
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थामरी ताल में पर्यटकों के लिए जुटेंगी सुविधा
पिथौरागढ़। वन विभाग थामरी ताल को पर्यटकों के लिए विकसित करेगा। बीते दिनों मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं डॉ. धीरज पांडेय ने विभागीय अधिकारियों के साथ ताल क्षेत्र का भ्रमण किया। वन क्षेत्राधिकारी विजय भट्ट ने बताया कि ताल के आसपास सफाई कर वहां पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। हनुमान मंदिर से ट्रेकिंग का रास्ता बनाया जाएगा। साथ ही बच्चों को वन और वन्य जीवों के बारे में जानकारी देने के लिए अभियान चलाया जाएगा। संवाद