पिथौरागढ़। गर्मी का सीजन शुरू होते ही नगर और आसपास के गांवों में पेयजल किल्लत बढ़ने लगी है। नगर के कुछ मोहल्लों में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। अगर जल्द कोई इंतजाम नहीं किए गए तो पानी की किल्लत और बढ़ सकती है।
नगर की करीब एक लाख की आबादी को आंवलाघाट, भैलोत, रई, ठुलीगाड़ और घाट पंपिंग पेयजल योजनाओं से पानी की आपूर्ति की जाती है। नगर और आसपास के गांवों में प्रतिदिन 12.30 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। इसके सापेक्ष विभिन्न योजनाओं से प्रतिदिन 11 एमएलडी पानी की ही आपूर्ति हो पा रही है।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि आधा एमएलडी की गुरुत्व वाली भैलोत योजना में पानी कम हो गया है। घाट की पुरानी पाइप लाइन में लीकेज होने से भी पानी कम होते रहता है। इस योजना के साढ़े सात किमी में तो नई पाइप लाइन डाली गई है लेकिन 11 किमी में अब भी वर्ष 1978 की ही लाइन है। पानी कम होने से नगर के विण, रई, पितरोटा में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है।
जीआईसी क्षेत्र में तीसरे दिन भी नहीं मिल रहा जरूरत का पानी
पिथौरागढ़। नगर के जीआईसी क्षेत्र में एक दिन छोड़कर पानी दिया जाता है। उन्हें तीसरे भी जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल पा रहा है। शुक्रवार को भी अधिकतर लोगों के घरों में पानी नहीं आया। लोगों को महादेव धारे से पानी की आपूर्ति करनी पड़ी। गर्मी शुरू होते ही जल संकट से जूझ रहे लोगों ने जल संस्थान से जलापूर्ति सुचारु करने की मांग की है। संवाद
एक किमी दूर से पानी ढो रहे शिलिंगिया के ग्रामीण
पिथौरागढ़। बड़ाबे के शिलिंगिया में ग्रामीण एक किमी दूर से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। प्रधान चंद्रकला देवी, तारा चंद, उत्तम चंद, बलवीर चंद आदि ने बताया कि जल जीवन मिशन में बनी योजना में पिछले चार दिन से पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते ग्रामीण दूर स्रोत से चढ़ाई में पानी ढो रहे हैं। उनका अधिकतर समय पानी ढोने में ही बीत रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पानी की आपूर्ति सुचारु करने के लिए पेयजल विभाग को निर्देशित करने की मांग की है। संवाद