पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से काली नदी से पानी ढोतीं छोरी बगड़ की महिलाएं। संवाद
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। झूलाघाट-जौलजीबी सड़क के चौड़ीकरण के दौरान चकद्वारी और छोरी बगड़ गांव में जलापूर्ति करने वालीं पेयजल योजनाएं ध्वस्त होने से ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। गांवों में एक सप्ताह से जलापूर्ति ठप है और 94 परिवार काली नदी के दूषित पानी से अपनी प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं।
इन दिनों जौलजीबी-झूलाघाट सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। चौड़ीकरण के दौरान चकद्वारी और छोरी बगड़ गांव की पेयजल लाइन ध्वस्त हो गई है। एक सप्ताह बाद भी योजना को ठीक नहीं किया जा सका है जिससे ग्रामीण परेशान हैं। सात दिन से गांवों में जलापूर्ति ठप है और ग्रामीण पानी के लिए तरस गए हैं। हालात यह हैं कि महिलाएं और बच्चे आधा किमी दूर काली नदी से पानी ढोकर अपनी और परिजनों की प्यास बुझा रहे हैं।
नदी का दूषित पानी पीने से बीमारी का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीण बिशन सिंह ऐरी, दलीप सिंह ऐरी, बहादुर सिंह ऐरी, जमन सिंह ऐरी, चंद्र सिंह ऐरी, डंबर सिंह ऐरी आदि ने कहा कि कार्यदायी संस्था से कई बार पेयजल लाइन ठीक करने की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में वे नदी का दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पेयजल लाइन ठीक नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
कोट
क्षतिग्रस्त हुईं दो पेयजल लाइनों को अस्थायी तौर पर जोड़ा गया है। सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा होने के बाद लाइनों को स्थायी रूप से जोड़ दिया जाएगा। - संतोष चंद, जेई, पीएमजीएसवाई, पिथौरागढ़