डीडीहाट लिफ्ट पेयजल योजना के लिए रामगंगा के किनारे बनी टंकी
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डीडीहाट जिला गठन और प्रस्तावित लिफ्ट पेयजल योजना के मामले में यहां के लोग सालभर ठगे गए। फिलहाल जिला गठन और पेयजल योजना का निर्माण पूरा होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद से ही इन दोनों मुद्दों पर कुछ कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।
जिले की मांग 1972 से उठ रही है। पिछले कार्यकाल में भाजपा ने डीडीहाट समेत चार अन्य जिलों के गठन की घोषणा तो की, लेकिन जिलों का गठन नहीं किया। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आते ही जिलों के गठन के बजाए पुनर्गठन आयोग बना दिया गया। 17 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने डीडीहाट का दौरा किया था। उस समय लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री जिले की मांग को पूरा करेंगे, लेकिन कैबिनेट की बैठक में जिले के बजाए नगरपालिका गठन का प्रस्ताव पारित कर सरकार ने लोगों की निराशा को और बढ़ा दिया।
डीडीहाट के लिए दिसंबर 2011 से थल रामगंगा से लिफ्ट पेयजल योजना का निर्माण हो रहा है। धन की कमी से यह योजना अब तक पूरी नहीं हो पाई है, जबकि दिसंबर 2011 में योजना के शिलान्यास के समय कहा गया था यह योजना 2012 में पूरी हो जाएगी और लोगों को गर्मियों में पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। अब भी योजना का 50 फीसदी से ज्यादा काम शेष है। इस योजना को लेकर सालभर राजनीति होती रही। भाजपा ने प्रदेश सरकार पर योजना के लिए धन न देने का आरोप लगाया तो कांग्रेस ने दावा किया कि योजना के लिए पर्याप्त धन जारी कर दिया गया है। जिस गति से पेयजल योजना का निर्माण हो रहा है उसे देखकर तो यही लगता है कि आने वाली गर्मियों में भी यहां के लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा।