पिथौरागढ़ के टकाना स्थित रामलीला मैदान में पानी पंचायत के दौरान लोग
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विभिन्न संगठनों की ओर से पानी पंचायत का आयोजन कर शीतकाल में भी पेयजल संकट होने पर आक्रोश जताया गया। इस दौरान पानी संकट का समाधान नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।
जनमंच के तत्वावधान में टकाना स्थित रामलीला मैदान में मंगलवार को पानी पंचायत हुई, इसमें लोगों का कहना था कि सोरघाटी के लोगों की प्यास बुझाने के लिए 80 करोड़ की लागत से आंवलाघाट पंपिंग पेयजल योजना का कार्य किया गया। कहा कि सूचना अधिकार अधिनियम से मिली जानकारी के अनुसार इसमें पिछले दो वर्षों से योजना का कार्य रुका हुआ है। प्रस्तावित क्षेत्रों में टैंकों का निर्माण भी नहीं हो पाया। नई बस्तियों में पुरानी पेयजल लाइनों को भी नहीं बदला गया।
लोगों का कहना था कि चार पंपिंग योजनाएं होने के बाद भी नगर में पेयजल संकट बना है। पानी संकट झेल रहे लोगों को थरकोट झील के नाम पर बरगलाया जा रहा है। उन्होंने इस पर पुनर्विचार करने की भी मांग की। बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आंवलाघाट पंपिंग योजना का लाभ जनता को देने की मांग की। इस दौरान जनमंच के संयोजक भगवान रावत, सह संयोजक सुबोध बिष्ट, मदन मोहन जोशी, छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह रावत, अधिवक्ता अजय बोहरा आदि थे।