मुनस्यारी में सड़क पर इस तरह हो रही पानी की बर्बादी।
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यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत तमाम इलाकों में पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो गया है। वहीं पानी की लाइनों की देखरेख न होने से कई जगहों पर पानी सड़कों पर बेकार बह रहा है। इससे यातायात संचालन पर भी असर पड़ रहा है। जल संस्थान का कोई अधिकारी इस सीमांत तहसील में नहीं बैठता। इस कारण भी समस्या ज्यादा गंभीर हो रही है। यहां बता दें कि मुनस्यारी में पेयजल संकट की स्थिति नहीं होती थी, लेकिन विभागीय लापरवाही से अब यहां के लोग भी परेशान होने लगे हैं।
नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अस्पताल रोड, नंदादेवी मार्ग पर लंबे समय से पानी की किल्लत हो रही है। जाड़ों के मौसम में संकट गहराने से लोगों में भारी गुस्सा है। बताया गया है कि यहां के ईई डीडीहाट में बैठते हैं, जबकि अवर अभियंता के पास बेड़ीनाग और मुनस्यारी दो नगरों का कार्यभार है। इस कारण अवर अभियंता यहां के कामों को सही ढंग से नहीं देख पाते। इससे पहले भी यहां तैनात अवर अभियंता की कार्यशैली से लोग खासे नाराज थे।
बाद में लोगों की शिकायत पर उनका स्थानांतरण हुआ था। अस्पताल में तैनात डॉ. केएस आंकोटी का कहना है कि पिछले कई महीनों से पानी की किल्लत बनी हुई है। इस कारण अस्पताल की व्यवस्था के लिए बाहर से पानी भरना पड़ रहा है। जलसंस्थान के अधिकारियों को कई बार बताया गया, लेकिन पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही है। इस मामले को पिछले दिनों मुनस्यारी आए केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा के सामने भी रखा गया था। मंत्री की मौजूदगी के समय भी जल संस्थान का कोई अधिकारी उपस्थित नहीं था। इधर, अस्पताल रोड निवासी सामाजिक कार्यकर्ता किशन बृजवाल ने कहा कि पेयजल लाइनें जगह-जगह टूट गई हैं। यदि तीन दिन में पानी की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो जल संस्थान के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।