पिथौरागढ़। सीमांत जिले में दो केंद्रीय मंत्रियों की घोषणा के बाद भी पासपोर्ट कार्यालय नहीं खुल पाया है। इस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को पासपोर्ट बनाने के लिए पिथौरागढ़ से अल्मोड़ा, हल्द्वानी और देहरादून की दौड़ लगानी पड़ रही है। इसके बाद भी यहां पासपोर्ट कार्यालय खोलने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
तिब्बत (चीन) और नेपाल सीमा से लगे पिथौरागढ़ जिले में पासपोर्ट कार्यालय नहीं खुल पाया है। वर्ष 2018 में पिथौरागढ़ के देव सिंह मैदान में वसंतोत्सव में पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह ने देव सिंह मैदान में प्रधान डाकघर में पासपोर्ट कार्यालय खोलने की घोषणा की थी। तब उन्होंने कहा था, वह यहां पासपोर्ट कार्यालय के उद्घाटन के लिए खुद आएंगे।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी पिथौरागढ़ में पासपोर्ट कार्यालय खोलने की घोषणा की थी। इसके छह वर्ष बाद भी यहां पासपोर्ट कार्यालय नहीं खुल पाया है। लोगों को पासपोर्ट बनाने के लिए अल्मोड़ा, हल्द्वानी और देहरादून की दौड़ लगानी पड़ रही है। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त धन खर्च करने के साथ ही समय भी बर्बाद करना पड़ता है। लोग लंबे समय से यहां पासपोर्ट कार्यालय खोलने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी यहां पासपोर्ट कार्यालय नहीं खुल पा रहा है।
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एक हजार वर्ग फुट नहीं है जगह
पिथौरागढ़। प्रधान डाकघर में पासपोर्ट कार्यालय खोलने के लिए कि हजार वर्ग फुट जगह की जगह है। पर्याप्त जगह न होने के कारण यहां पासपोर्ट कार्यालय नहीं खुल पा रहा है। इसके बाद डाकघर के माध्यम से 250 वर्ग फुट का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन इसके अभी केंद्र सरकार से स्वीकृत नहीं मिल पाई है। संवाद
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इनसेट कोट-
जगह की कमी के कारण पासपोर्ट कार्यालय खुलने में दिक्कत हो रही है। पासपोर्ट कार्यालय खुलने से सभी को फायदा है। - एचसी उपाध्याय, डाक अधीक्षक पिथौरागढ़।