संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, संस्कृति विभाग उत्तराखंड के सहयोग से भाव राग ताल अकादमी की ओर से आयोजित पांच दिनी नाट्य उत्सव संपन्न हो गया है। समापन के दिन दिल्ली की प्रज्ञा आर्ट्स के कलाकारों ने वीरांगना तीलू रौतेली नाटक का मंचन किया।
नाटक के जरिए तीलू रोतेली की जीवनगाथा को दिखाया गया।
भाइयों की लाड़ली बहन तीलू रौतेली अपने मंगेतर के साथ खुशहाल जीवन जीने की चाहत रहती है। इसी बीच शत्रु उसके भाइयों, पिता और मंगेतर की हत्या कर देते हैं। जीवट तीलू रौतेली ने न केवल अपनी मां को संभाला बल्कि जमींदारी का कुशल प्रबंधन भी किया। श्रीनगर राज्य की सहायता से तीलू रौतेली अपने पिता और भाई के हत्यारों को मौत के घाट उतारती है। उनके रक्त से पिता और भाइयों का तर्पण करती है।
टीम निर्देशक लक्ष्मी रावत के नेतृत्व में प्रज्ञा रावत, राजू राजे सिंह, जितेश शर्मा, वासु सिंह, अमित राय, सोनाली मिश्रा, रुपाली रावत, कुसुम चौहान, पीएस चौहान, प्रज्ञा टम्टा, अमन शर्मा, विकरांत शर्मा, आकाश दक्ष, संतोष, गगन कुमार, हर्ष, राहुल, रोहित, मीनाक्षी, गौरी, शक्ति ने बेहतरीन अभिनय किया।
भाव राग ताल के निदेशक कैलाश कुमार ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया। आयोजन में धीरज कुमार, डिगरदीप, गीता वर्मा, रोहित यादव (रोमी), दीपक, दीपा, मुकेश, वैंकटेस, पूजा, रेखा, भरत, राज किशोर, अंजली आदि ने सहयोग दिया।