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कोरोना से जंग में जुटा डीडीहाट का लाल

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दिल्ली आईटीबीपी के छाबड़ा कैंप में मरीजों को जानकारी देते डा.अंबिका प्रसाद जोशी। - फोटो : PITHORAGARH
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। क्षेत्र के बगजीबला गांव के चिकित्सक दिल्ली में कोरोना महामारी के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। चिकित्सक बेटे पर समूचे डीडीहाट को गर्व है कि वह मानवता का धर्म निभा रहे हैं। चिकित्सक का कहना है कि भारत कोरोना महामारी से बगैर डरे उबरने में कामयाब रहेगा।
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बगजीबला गांव के रिटायर्ड शिक्षक दयाकिशन जोशी के इकलौते पुत्र अंबिका प्रसाद जोशी आईटीबीपी दिल्ली में सीएमओ के पद पर तैनात हैं। कोरोना से निपटने के लिए बल के डीजी एसएस देशवाल ने डॉ. जोशी का चयन नोडल अधिकारी के रूप में किया। डॉ. जोशी ने बताया कि उनके नेतृत्व में आईटीबीपी के छाबड़ा कैंप में 14 और एम्स व सफदरजंग अस्पताल के 50 चिकित्सक, फार्मासिस्टों की टीम बनाई गई। एक फरवरी की रात चीन से भारतीय लोगों को लाया जा रहा था। इसमें 406 लोग थे। जैसे ही दल के सदस्य दो फरवरी को सुबह 6.30 बजे कैंप पहुंचे चिकित्सकों की टीम इलाज में जुट गई।
47 दिन बाद अपने कमरों में गए चिकित्सक
डॉ. जोशी ने बताया कि पहले यह लगा कि एक हफ्ते में बीमारी पर काबू पा लिया जाएगा। टीम के सभी लोग कैंप में बने आइसोलेशन वार्ड में ही रह रहे थे। चिकित्सकों को 47 दिन बाद अपने कमरों में जाने का मौका मिला। इस बीच टीम का कोई भी सदस्य अपने घर तक नहीं जा पाया। सदस्यों के परिवार में कई तरह की दिक्कतें आईं लेकिन चिकित्सक अपनी इसी उधेड़बुन में लगे थे कि किस तरह कोरोना पर अंकुश पाया जा सके।
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डरा सहमा बेटा बार-बार जान रहा था हाल
डॉ. अंबिका प्रसाद जोशी ने बताया कि उनका छोटा बेटा मोनू बेहद डरा हुआ था। वह बार-बार मोबाइल में उनसे हालचाल जान रहा था। इस पर उन्होंने बेटे को समझाया कि वह आईटीबीपी के जवान हैं। जब कभी युद्ध के मोर्चे पर जाना पड़ता है तो जेहन में सिर्फ देश की सुरक्षा का ख्याल ही रहता है। पारिवारिक दिक्कतों से टीम के सदस्य भी काफी परेशान थे। डॉ. जोशी ने काउंसलर बुलाकर चिकित्सकों और उनके परिजनों को समझाया।
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घबराए नहीं भारत सुरक्षित
डॉ. जोशी ने अपने संदेश में कहा कि कोरोना से घबराएं नहीं, भारत विश्व में सुरक्षित देश है। कहा कि हम सफलतापूर्वक कोरोना महामारी से निपटेंगे। उनके पिता को भी गर्व है कि बेटा कोरोना के मरीजों के इलाज में जुटा है। चचेरे भाई शिक्षक सत्यम जोशी का कहना है कि डॉ. अंबिका प्रसाद जोशी पर बगजीवाला के साथ ही समूचे जिले के लोगों को गर्व है कि वह महामारी के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं।
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डॉ. जोशी पत्नी से बोले सपोर्ट करें
डीडीहाट। कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे डॉ. अंबिका प्रसाद जोशी की पत्नी शिक्षिका विनीता जोशी पिथौरागढ़ में रहती हैं। विनीता ने पति से बच्चों को लेकर दिल्ली आने की इच्छा जताई। इस पर डॉ. जोशी ने उन्हें यह कहते हुए मना कर दिया कि इस समय वह कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। उन्हें भावनात्मक और नैतिक सपोर्ट की जरुरत है। जब बीमारी पर अंकुश लग जाएगा वह तब घर आएंगे।
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