आपदा प्रभावित जिले के धारचूला, मुनस्यारी तहसीलों के साथ ही अस्कोट, जौलजीबी, मदकोट में चिकित्सा सेवाएं बेहद खराब हैं। यदि आपदा के दौरान कोई घायल होता है तो उसे तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल की ही शरण लेनी पड़ेगी। कई अस्पताल तो ऐसे हैं, जहां पर डॉक्टर कई वर्षों से नहीं हैं। अस्कोट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को इसके उदाहरण के रूप में लिया जा सकता है। अस्कोट के आसपास जौलजीबी, बगड़ीहाट, नारायणनगर, ओगला के इलाके आते हैं। धारचूला में भी डॉक्टरों की कमी है। मुनस्यारी के अस्पताल का संचालन पीपीपी मोड से हो रहा है, लेकिन वहां की अव्यवस्थाओं को लेकर कई बार आंदोलन हो चुके हैं।
आपदाकाल में जिस सेवन डेस्क सिस्टम को सक्रिय करने की बात आती है, उसमें स्वास्थ्य सेवाएं प्रमुख हैं, यदि अस्पतालों में ढांचागत सुविधाएं हों तो तत्काल घायलों को मदद मिल सकती है। इस फार्मूला को सेवन डेस्क सिस्टम में भी रखा गया है। एनएच पर एक और अस्पताल कनालीछीना में है। वहां पर भी स्टाफ की कमी है। इस इलाके के केंद्र में पड़ने वाले अस्कोट की हालत तो इतनी खराब है कि वहां पर मरहम पट्टी करने के लिए भी स्टाफ नहीं है। इस अस्पताल में छह साल से डॉक्टर नहीं है।
जिले के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के मामले तो हर बार उठाए जाते हैं, लेकिन आपदा के समय क्या व्यवस्था रहेगी, इस तरफ किसी का ध्यान नहीं जाता। यदि दुर्भाग्य से कोई बड़ी आपदा आती है तो जिले का कोई भी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उस स्थिति में मदद कर पाने लायक नहीं है।
आयुर्वेदिक अस्पतालों की दशा और खराब
पिथौरागढ़। जिले में आयुर्वेदिक अस्पतालों की संख्या 24 है, लेकिन इनमें से 16 अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं। ग्रामीण अंचलों की चिकित्सा व्यवस्था को संभालने का दायित्व आयुर्वेदिक अस्पतालों के पास है, लेकिन इनमें तो कई अस्पताल स्टाफ न होने के कारण बंद पड़े हैं। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. डीएस जंगपांगी का कहना है कि डॉक्टरों एवं स्टाफ की कमी से व्यवस्था संचालन में दिक्कत आ रही है।
मोबाइल चिकित्सा वाहन तैयार रहेंगे
पिथौरागढ़। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. आरएस राणा ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर आपदा के समय लोगों को त्वरित चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल चिकित्सा वाहन तैयार किए जाएंगे। इन वाहनों में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सेवन डेस्क से जुड़े सभी विभागों को सक्रिय किया जाएगा।